मुंबई. कोरोना के बाद मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र पर एक नई बीमारी का खतरा मंडरा रहा है. पुणे, नागपुर और सोलापुर में गुइलेन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) नामक इस नई बीमारी के मरीज मिलने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जीबीएस रोग की समीक्षा की. बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीबीएस रोग पर दी गई प्रस्तुति के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान में रोगियों का इलाज चल रहा है. सरकारी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि रोगियों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जा सके.
दूषित पानी के कारण बीमारी
सीएम फडणवीस ने कहा कि यह बीमारी दूषित पानी और कम पका हुआ भोजन, मांस आदि खाने से होती है इसलिए, ऐसे भोजन से बचना चाहिए तथा उबला हुआ पानी पीना चाहिए. पुणे में 31 तारीख होने वाले क्रिकेट के मद्देनजर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग को पीने के पानी की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया. साथ ही साथ उन्होंने बताया कि जीबीसी के मरीजों का इलाज महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत किया जा रहा है.
पुणे में मौत पर खुलासा
इस मौके पर जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया कि पुणे में वर्तमान में 111 मामले सामने हैं, जिनमें से 80 मामले पांच किलोमीटर के दायरे में हैं. इस वजह से 35, 000 घरों में 94,000 नागरिकों का परीक्षण किया गया है. परीक्षणों के संचालन के लिए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान को लगाया गया है. जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुणे में हुई एक मौत के बारे में कहा गया है कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि मरीज की मौत जी.बी.एस. के कारण हुई है.
बुलढाणा में स्थिति नियंत्रण में
बुलढाणा जिले में बाल झड़ने की समस्या पर काबू पा लिया गया है. कोई नया मरीज नहीं मिला है. फिलहाल आईसीएमआर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.

बीमारी संक्रामक नहीं
यह बीमारी दुर्लभ है लेकिन अधिकांश रोगी ठीक हो रहे हैं. यह बीमारी संक्रामक नहीं है, यह बीमारी कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी)
वालों में फैल रही है. इस संबंध में पुणे में की जा रही समीक्षा और जांच के के आधार पर इलाज किया जा रहा है और जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं. तदनुसार, दोनों (नगर निगमों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग) कार्रवाई कर रहा है.
- प्रकाश अबितकर – मंत्री सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग
