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मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट पर गरमाई राजनीति : महायुति को भाया, विपक्ष ने की आलोचना

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मुंबई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट शनिवार (1 फरवरी) को पेश किया. इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण प्रावधानों की घोषणा की है. साथ ही इस बजट में किसानों, महिलाओं और कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं. लेकिन इस पर राजनीति गरमाने लगी है. महाराष्ट्र की महायुति सरकार को केंद्र का यह बजट बहुत ही पसंद आया है. बजट की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं अजीत पवार सहित कई अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है. जबकि विपक्ष के लोग बजट की आलोचना कर रहे हैं.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को देश का बजट पेश किया. बजट में 12 लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त करने की बड़ी घोषणा करके उन्होंने मध्यम वर्ग के करदाताओं को सबसे बड़ी राहत दी है. सरकार के इस अनपेक्षित निर्णय का लोगों ने सहर्ष स्वागत किया है. शनिवार को पेश किए गए बजट में नई कर प्रणाली के अनुसार आयकर स्लैब में परिवर्तन किया गया है. नई कर व्यवस्था के अनुसार 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगाने की घोषणा की गई है. दावा किया जा रहा है कि इस लाभ मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा.
घर-घर में दिखाई देंगे लक्ष्मी के पदचिह्न
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर कहा है कि बजट में आम नौकरीपेशा वर्ग को जो राहत मिली है, उसे अभूतपूर्व ही कहा जा सकता है. डीसीएम शिंदे ने केंद्रीय बजट 2025-26 का स्वागत करते हुए कहा कि 12 लाख रुपये तक की आय पर पूर्ण कर छूट के कारण अब देवी लक्ष्मी के पदचिन्ह हर घर में दिखाई देंगे. केंद्र सरकार का बजट इस बात की गारंटी है कि देश के लोकप्रिय एवं यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा देखा गया विकसित भारत का सपना साकार होगा. बजट में आम नौकरी पेशा वर्ग को जो राहत मिली है, उसे अभूतपूर्व ही कहा जा सकता है. मैं आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करनेवाला सर्वांगीण सुंदर बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण को बधाई देता हूं. मैं महाराष्ट्र के सभी कर्मचारियों की ओर से उनका आभार मानता हूं.
सशक्त भारत का रोडमैप
एकनाथ शिंदे ने एक्स-पोस्ट में यह भी लिखा है कि ये शुभ संकेत हैं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा देश भारत बुरी परिस्थितियों पर मात करते हुए समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि देश की प्रगति का ग्राफ बढ़ता रहेगा, क्योंकि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बजट में किए गए नवीन प्रावधानों से लाभ मिलेगा. यह एक सशक्त भारत का रोडमैप है.

विकसित भारत और आर्थिक महाशक्ति बनने का आधार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री अजीत पवार ने कहा कि 12 लाख रुपए तक की आय कर-मुक्त होने से करोड़ों मध्यम वर्गीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण धनराशि आवंटित करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार माना. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास के लिए निधि से बुनियादी परियोजनाओं को बल मिलेगा और मजबूत नींव रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, उद्यमियों, महिलाओं, और छात्रों को अवसर देता बजट, आम आदमी पर ध्यान केंद्रित है.
मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा
बजट का स्वागत करते हुए अजीत ने कहा कि मध्यम वर्ग के लिए यह बजट एक बड़ा तोहफा है, क्योंकि १२ लाख रुपए तक की आय अब कर-मुक्त हो गई है. नए कर प्रणाली के तहत, 12 लाख रुपए तक की आय वाले करदाताओं को 80000 की छूट मिलेगी, जिससे 100% कर राहत प्राप्त होगी. 18 लाख रुपए की आय वालों को 700000 रुपए की कर कटौती, जबकि २५ लाख रुपए की आय वालों को 1.25 लाख रुपए की कर राहत मिलेगी. इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस की सीमा 50000 रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है, जो एक स्वागत योग्य निर्णय है. कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की 36 आवश्यक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है, जिससे वे अब अधिक किफायती होंगी. मोबाइल फोन भी सस्ते होंगे, जिससे देश के हर नागरिक को लाभ मिलेगा. महाराष्ट्र को बजट में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि मिली है.

केंद्रीय बजट से महाराष्ट्र को े मिला
• मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-3) के लिए 1,465.33 करोड़ रुपए
• पुणे मेट्रो के लिए 837 करोड़ रुपए
• मुळा-मुठा नदी संरक्षण योजना के लिए 230 करोड़ रुपए
• मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट के चार चरणों के लिए 4,003 करोड़ रुपए
• मुंबई मेट्रो के लिए 1,673.41 करोड़ रुपए
• ग्रामीण सड़क सुधार योजना के लिए 683.51 करोड़ रुपए
• महाराष्ट्र एग्री-बिजनेस नेटवर्क (MAGNET) प्रोजेक्ट के लिए 596.57 करोड़ रुपए
• ऊर्जा संरक्षण एवं लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के लिए 186.44 करोड़ रुपए
• ग्रीन अर्बन मोबिलिटी प्रोजेक्ट, मुंबई के लिए 652.52 करोड़ रुपए
• समावेशी विकास के लिए आर्थिक क्लस्टर कनेक्टिविटी हेतु 1,094.58 करोड़ रुपए

आम जनता और उद्योगों के लिए अहम फैसले
• देश के किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, उद्यमियों, महिलाओं, युवाओं और छात्रों को मजबूत करने वाला बजट।
• देश को आर्थिक महाशक्ति और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम।
• वस्त्र उद्योग, चमड़ा उत्पाद और मत्स्य पालन पर शुल्क में कटौती, जिससे महाराष्ट्र को मिलेगा लाभ।
• कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार, लघु एवं मध्यम उद्योग, निर्यात, निवेश, ऊर्जा, शहरी विकास, खनन, वित्त और कर सुधारों को प्राथमिकता।
• महिलाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा।
• प्रधानमंत्री धनधान्य योजना के तहत कृषि उत्पादकता, भंडारण, सिंचाई और क्रेडिट सुविधा को प्राथमिकता।
• 100 जिलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे महाराष्ट्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
• किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाने का निर्णय स्वागत योग्य।

शिक्षा और रोजगार के लिए बड़ी घोषणाएं
• सरकारी स्कूलों में 5 लाख अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जाएंगी.
• स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड सेवा से जोड़ा जाएगा.
• आईआईटी और मेडिकल कॉलेजों की सीटें और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी.
• ऑनलाइन गिग वर्कर्स के लिए पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था.
• 1 करोड़ गिग वर्कर्स को पीएम जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी.

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव
• न्यूक्लियर एनर्जी मिशन के तहत 2047 तक 100 गीगावाट ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य.
• शहरी सुधारों के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का अर्बन चैलेंज फंड.
• UDAN योजना के तहत 120 नए एयरपोर्ट और हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिससे हवाई यात्रियों की संख्या 4 करोड़ तक पहुंचेगी.
• ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और 52 प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास की नीति.

सभी भारतीयों के सपनों को पूरा करनेवाला बजट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जहां देश “विरासत के साथ विकास” की ओर अग्रसर रहने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया. यह बजट सभी भारतीयों के लिए एक सपना सच होने जैसा है. यह जनता का बजट है और यह विकसित भारत के मिशन को पूरा करने वाला बजट है. देश के मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए नए कर ढांचे को देखते हुए, यह बजट देश के नागरिकों को विकास में भागीदार बनाने वाला बजट है.
मोदी सरकार ग्रामीण व्यवस्था में नई क्रांति लाने वाले तथा नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले बजट के लिए प्रतिबद्ध है और यह बात बजट में परिलक्षित होती है. यह ऐसा बजट है जो देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने और आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने वाला है.

  • आशीष शेलार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री

यह विकसित भारत को विकास के मार्ग पर ले जाने वाला बजट है. इस बजट ने महिला, किसान, गरीब, युवा और मध्यमवर्गीय घटकों को बड़ी सौगात दी है. देश के मध्यमवर्ग को 12 लाख तक की कर मुक्ति, किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर 5 लाख, साथ ही 1 करोड़ 70 लाख किसानों को ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ का लाभ, देश में हरित ऊर्जा, ईवी और एआई तकनीक को बड़ा प्रोत्साहन, दालों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाना, और आगामी पांच वर्षों में देश में चिकित्सा शिक्षा की 75,000 अतिरिक्त सीटें, ऐसे हर वर्ग को समृद्ध करने वाला और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में ले जाने वाला यह एक समग्र केंद्रीय बजट है.

  • राज्य मंत्री माधुरी मिसाल

विपक्ष ने की आलोचना

केंद्रीय बजट सिर्फ आंकड़ों की भूलभुलैया है
ऊपरी तौर पर आकर्षक दिखने वाला बजट सिर्फ एक घोटाला है. मोदी सरकार के बजट में किसान कर्ज माफी और समर्थन मूल्य पर कुछ भी नहीं है. मुद्रास्फीति और बेरोजगारी को खत्म करने तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदमों का अभाव साफ दिख रहा है. लोगों के लूट का साधन बनी जीएसटी को बरकरार रखा गया . कर के खौफ से लोगों को कोई राहत नहीं मिली है. सिर्फ लोकसभा में लगे झटके की वजह से आयकर में राहत दी गई है. बजट के बाद शेयर बाजार में गिरावट का मतलब ही है की यह बजट निराशाजनक बजट है. बजट में महाराष्ट्र सहित किसी अन्य राज्य का उल्लेख नहीं किया गया लेकिन बिहार का तो बार-बार उल्लेख किया गया. क्योंकि वहां जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं
नाना पटोले, विधायक एवं महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष- कांग्रेस

महाराष्ट्र के साथ सौतेला व्यवहार
केंद्र सरकार के आज के बजट से यह स्पष्ट हो गया कि बजट में महाराष्ट्र के सौतेला बर्ताव किया गया है. यह महाराष्ट्र के लिए अन्यायकारी बजट है. यह बजट भारत का नहीं बल्कि बिहार राज्य का बजट प्रतीत होता है, जहां निकट भविष्य में चुनाव होने हैं.
विजय वडेट्टीवार, वरिष्ठ नेता व विधायक कांग्रेस

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