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एसटी के महंगे भाड़े पर सरकार का यू-टर्न : किराया वृद्धि का फैसला रद्द

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मुंबई. आम लोगों के बीच लालपरी के नाम से मशहूर राज्य सरकार की परिवहन सेवा एसटी के किराया वृद्धि का निर्णय राज्य की महायुति सरकार ने सिर्फ एक बाद ही वापस ले लिया है. माना जा रहा है कि त्योहारी सीजन में एसटी के किराया वृद्धि के निर्णय से दिवाली बाद संभावित स्थानीय निकायों के चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति को नुकसान हो सकता था. इसलिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सलाह पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के नेता एवं परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को फिलहाल निर्णय वापस लेने का निर्देश दिया है.
महाराष्ट्र के दूरदराज के गांवों में एसटी यात्रा का सबसे सुलभ साधन मानी जाती है. त्योहारों एवं छुट्टियों के दौरान एसटी बस से यात्रा करने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलती है. लेकिन दीपावली की छुट्टियों से ठीक पहले एसटी महामंडल ने मंगलवार को किराए में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने के संकेत देकर राज्य की जनता को बड़ा झटका दिया था. एसटी महामंडल द्वारा लिए गए इस निर्णय से आम लोगों में भारी नाराजगी थी. आगामी दिसंबर-जनवरी में संभावित निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में सरकार ने जनभावना को भांपते हुए प्रस्तावित किराया वृद्धि को वापस लेने का निर्णय लिया है.
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने प्रस्तावित किराया वृद्धि वापस लेने की जानकारी देते हुए बुधवार को कहा राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए परिवहन मंत्री को महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल द्वारा की गई 10 प्रतिशत बस किराया वृद्धि को रद्द करने का निर्देश दिया गया है.
हर साल बढ़ता है किराया
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि एसटी महामंडल हर साल दिवाली के दौरान (15 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच) किराए में 10 प्रतिशत की वृद्धि करता है. इससे निगम को आमतौर पर 30 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है. इस बार भी सामान्य, हिरकणी, वातानुकूलित शिवशाही और शिवनेरी बसों में 10% अतिरिक्त भाड़ा वसूलने का निर्णय हुआ था. लेकिन राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इस साल निगम द्वारा घोषित 10 प्रतिशत किराया वृद्धि को अपवाद के रूप में रद्द करने का निर्णय लेने के निर्देश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को दिए गए हैं. इस किराया वृद्धि को रद्द करने के संबंध में मीडिया को जवाब देते हुए, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि किसानों के सामने आने वाले संकट को देखते हुए अन्नदाता किसानों की आंखों में हमारी लाडली बहनों की आंखों में आंसू देखकर हम उनकी मदद करने का प्रयास कर रहे हैं. इसीलिए मैंने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को निर्देश दिया है कि ऐसी बाढ़ की स्थिति में, 10 प्रतिशत किराया वृद्धि को रद्द किया जाना चाहिए. वह ऐसा पत्रक जारी कर रहे हैं और 10 प्रतिशत किराया वृद्धि रद्द कर दी जाएगी, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

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