मुंबई. राज्य सरकार ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि शिक्षा विभाग ने जानकारी प्रदान करने के लिए एक अलग आधिकारिक वेबसाइट शुरू की है ताकि माता-पिता स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की निगरानी कर सकें. न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्या. संदेश पाटिल की पीठ ने आदेश दिया कि विद्यालयों में उपायों के कार्यान्वयन की जानकारी समय-समय पर वेबसाइट पर अधिक विस्तार से पोस्ट करे तथा स्कूल प्रशासन बच्चों की सुरक्षा के संबंध में प्राप्त शिकायतों का विवरण, उनके निवारण के लिए उठाए गए कदम और शिकायतों के निवारण का विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराए. अदालत ने स्कूलों को हर महीने इन विवरणों को अपडेट करने और यह सत्यापित करने के लिए कि उपायों को लागू किया जा रहा है, स्कूलों का औचक दौरा करने का भी आदेश दिया. साथ ही अदालत ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा से संबंधित उपायों को लागू करने में शिक्षा विभाग के प्रयासों पर भी संतोष व्यक्त किया.
88 हजार विद्यालयों की पूरी जानकारी उपलब्ध
अतिरिक्त लोक अभियोजक प्राजक्ता शिदे ने पीठ को सूचित किया कि अब तक कुल 92,529 स्कूलों ने उपायों को लागू करना शुरू कर दिया है और 88,256 स्कूलों ने वेबसाइट पर पूरा विवरण डाल दिया है. शेष स्कूल 15 अक्टूबर तक विवरण दाखिल करेंगे. वेबसाइट 5 अक्टूबर को चालू हो गई और स्कूल का नाम दर्ज करके कोई भी इसे देख सकता है शिंदे ने यह भी कहा कि उन्होंने स्कूलों को हर महीने की 15 तारीख तक सभी सूचनाओं को अद्यतन करने का आदेश दिया है.
अदालत ने उठाए निम्न मुद्दे
इस दौरान अदालत ने उपायों को पूरा करने वाले स्कूलों के आंकड़ों पर सवाल उठाया. कुछ स्कूलों ने माता-पिता के लिए कार्यशालाएं आयोजित कीं लेकिन माता-पिता को इसकी जानकारी नहीं दी गई. इस पर अदालत ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो उपाय अर्थहीन होंगे. इसलिए स्कूलों को कार्यशालाओं जैसी गतिविधियों के बारे में माता-पिता को सूचित करने की आवश्यकता होगी. अदालत ने कहा कि विवरण एक विशिष्ट तिथि तक उपलब्ध कराया जाना चाहिए और माता-पिता को जानकारी देने और यह सत्यापित करने के लिए कि उपायों को पूरा किया गया है, अचानक दौरा करने के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया.
अब माता-पिता भी रख सकेंगे अपने बच्चों की सुरक्षा की निगरानी : राज्य सरकार ने दी उच्च न्यायालय में जानकारी
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