मुंबई: अंधेरी पूर्व स्थित एमआईडीसी क्षेत्र में शनिवार की देर शाम के समय घटित हुई एक घटना ने लोगों को 3 दिसंबर 1984 को मध्यप्रदेश में हुई भोपाल गैस त्रासदी के खौफ की याद दिला दी.
जी +1 संरचना में अचानक हुए रासायनिक रिसाव (केमिकल लीक) के कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. बीएमसी के अनुसार, लीकेज के चलते तीन लोग अचानक बेहोश होकर गिर पड़े. इनमें 20 वर्षीय अहमद हुसैन की मौत हो गई है। जबकि नौशाद अंसारी (28) और 17 वर्षीय सबा शेख को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया है। दोनों मरीजों को तेज घुटन, सांस रुकने की समस्या और चक्कर आने जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल लाया गया। घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर भेजी गईं, जबकि एनडीआरएफ को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर कौन-सा केमिकल लीक हुआ और लीक का स्रोत कहां था। टीमों ने इमारत को खाली कराया और आसपास की दुकानों एवं घरों को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया। गैस सूंघने वाले सेंसर और प्रोटेक्टिव गियर के साथ विशेषज्ञ टीमें अंदर भेजी गई हैं। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी गोडाउन जैसे हिस्से में रखा रसायन गलत तरीके से स्टोर किया गया था जिससे लीक हुआ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना जिस इमारत में हुई वह लो-राइज कमर्शियल-रेजिडेंशियल स्ट्रक्चर है, जिसकी पहली मंजिल पर कुछ छोटे कारोबारी यूनिट संचालित होते हैं। यह भी जांच का हिस्सा है कि क्या इन यूनिट्स के पास केमिकल स्टोर करने की वैध अनुमति थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय अचानक तेज दुर्गंध फैलने लगी और कुछ ही मिनटों में तीन लोग जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक टीम की शुरुआती जानकारी के आधार पर बीएमसी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। अधिकारी मान रहे हैं कि अगर समय रहते लोगों ने पुलिस और फायर विभाग को कॉल न किया होता तो नुकसान और बड़ा हो सकता था.
मुंबई की एमआईडीसी में गैस ट्रेजेडी : एक की मौत, 3 बेहोश
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