महाराष्ट्र में यौन शोषण के मामलों में पेश की रिपोर्ट
मुंबई: महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में अहम आंकड़े पेश किए। इन आंकड़ों ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
99.31% मामलों में आरोपी परिचित
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि राज्य में दर्ज बलात्कार के 99.31 प्रतिशत मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित होता है।
इससे यह साफ होता है कि महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा बाहरी नहीं, बल्कि अपने जान-पहचान के लोगों से है।
बेपत्ता महिलाओं के मामलों में प्रेम संबंध प्रमुख कारण
राज्य में हाल के दिनों में महिलाओं के लापता होने के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार:
57% मामलों में कारण प्रेम संबंध है।
38% महिलाएं प्रेम प्रसंग के चलते घर छोड़ती हैं।
37% मामलों में पारिवारिक कारण सामने आते हैं।
75% महिलाएं उसी साल मिल जाती हैं।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक:
75% लापता महिलाएं उसी साल मिल जाती हैं।
यह आंकड़ा 2-3 साल में बढ़कर 90% तक पहुंच जाता है।
अपहरण के मामले बेहद कम
महिलाओं के लापता होने के मामलों में अपहरण का प्रतिशत सिर्फ 1.86% है, जो अपेक्षाकृत काफी कम है।
लव जिहाद के कुछ मामले भी शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि लापता महिलाओं के मामलों में कुछ केस ‘लव जिहाद’ से जुड़े भी सामने आए हैं, लेकिन इनकी संख्या सीमित है।
तेजी से बढ़ रही है शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति
महिलाओं में अब अपराध दर्ज कराने की जागरूकता बढ़ी है।
92% मामलों में 60 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया जाता है
चार्जशीट दाखिल करने में तेजी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है।
92% मामलों में 60 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया जाता है
इससे न्याय प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल रही है।
खतरा घर के आसपास ही
फिर भी ये आंकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिर्फ बाहरी खतरे पर नहीं, बल्कि करीबी और परिचित लोगों से होने वाले अपराधों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
विधानसभा में CM फडणवीस का सनसनीखेज खुलासा : ‘अपने’ ही हैं महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा!
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