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रिक्शा परमिट के लिए मराठी जरूरी : मीरा-भायंदर में दस्तावेजों की होगी पुनः जांच

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अनियमितताओं की शिकायतों पर परिवहन मंत्री सरनाईक सख्त
परमिट प्रक्रिया पर 1 मई तक मांगी रिपोर्ट
मुंबई: राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने रिक्शा परमिट और बैज वितरण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मीरा-भायंदर महानगरपालिका क्षेत्र के सभी परमिट, लाइसेंस, बैज की पुनः जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को 1 मई तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बांद्रा स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में मंत्री सरनाईक ने साफ कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया होने के बावजूद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परमिट जारी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
घुसपैठियों पर गंभीर आरोप
मीरा-भाईंदर के विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, कुछ विदेशी नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से फर्जी निवासी प्रमाण पत्र बनवाकर रिक्शा और टैक्सी परमिट हासिल किए हैं।
दस्तावेजों में गड़बड़ी उजागर
जांच में सामने आया है कि डाचकुलपाडा और मांडवीपाडा जैसे इलाकों के निवासी होने के प्रमाण के तौर पर आदानी कंपनी के बिजली बिल प्रस्तुत किए गए, जबकि इन क्षेत्रों में टाटा पावर द्वारा बिजली आपूर्ति की जाती है। इसे गंभीर अनियमितता माना जा रहा है।
मराठी भाषा अनिवार्य
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, रिक्शा परमिट धारक के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य है। अब विशेष अभियान के तहत इसकी भी जांच की जाएगी।
10 साल के परमिट की होगी जांच
पिछले 10 वर्षों में जारी सभी रिक्शा परमिट की गहन जांच के लिए एक महीने का विशेष कैंप लगाया जाएगा, जिसमें हर दस्तावेज की बारीकी से जांच की जाएगी।
अधिकारियों पर भी कार्रवाई के संकेत
मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा पर भी चिंता
मंत्री ने चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परमिट मिलने से शहर की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए इस पूरे मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मीरा-भाईंदर से अभियान की शुरुआत
राज्यभर में परमिट जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी शुरुआत मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र से की।

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