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ऑनलाइन डिलीवरी कर्मियों की सख्त पड़ताल जरूरी: मंत्री आकाश फुंडकर

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मुंबई. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, गिग और डिलीवरी क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों के माध्यम से ग्राहकों को सुरक्षित सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए उनकी कसून पड़ताल करना आवश्यक है। महाराष्ट्र के कामगार मंत्री एड. आकाश फुंडकर ने कामगार और गृह विभाग की संयुक्त बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राहक सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए एक सर्वसमावेशी आराखड़ा तैयार किया जाए।
ग्राहक सुरक्षा सर्वोपरि
बैठक में जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट जैसी डिलीवरी कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गहन चर्चा हुई। वर्तमान में ये कंपनियां ऑनलाइन और फेसलेस तरीके से डिलीवरी पार्टनर्स की नोंदणी करती हैं, फिर यह जानकारी थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन एजेंसियों को भेज दी जाती है। मंत्री फुंडकर ने सवाल उठाया कि इन एजेंसियों को पड़ताल के अधिकार किस निकष पर दिए गए और उनकी प्रक्रिया का कानूनी आधार क्या है।
कंपनियों की जिम्मेदारी तय
एड. फुंडकर ने कहा कि जिन प्लेटफॉर्म पर गिग वर्कर्स ‘पार्टनर’ के रूप में पंजीकृत होते हैं, उन कंपनियों को पूरी पृष्ठभूमि जांच की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। डिलीवरी वाहनों का व्यावसायिक पंजीकरण, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वेतन भुगतान के माध्यमों की भी जांच की जाएगी।
साइबर विभाग में अनिवार्य पंजीकरण
बैठक में सभी गिग कामगारों के लिए साइबर विभाग में पंजीकरण और क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र अनिवार्य करने पर चर्चा हुई। राज्यस्तरीय नोंदणी, परवाना प्रणाली, यूनिक आईडी, अपघात बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विचार किया गया। महिला प्रवाशों की सुरक्षा के लिए ओला-उबर जैसी कंपनियों में महिला चालक चुनने का विकल्प देने और नियमित ऑडिट कर तिमाही रिपोर्ट पुलिस को सौंपने जैसे सुझावों पर सहमति बनी। बैठक में आमदार सुमित वानखेड़े, दादाराव केचे, किरीट सोमैया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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