पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर को स्थायी समिति से बाहर रखने पर विवाद
मुंबई। सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की पहली सभा में विभिन्न समितियों के 94 सदस्यों की घोषणा की गई। महापौर रितु तावड़े ने सभी राजनीतिक दलों से प्राप्त बंद लिफाफों से स्टैंडिंग समिति, सुधार समिति, शिक्षा समिति और बेस्ट समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा की।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि स्थायी समिति बीएमसी का सबसे शक्तिशाली अंग है, जहां बजट और विकास कार्यों के महत्वपूर्ण फैसले होते हैं। विपक्ष नेता की अनुपस्थिति से समिति में संतुलन प्रभावित हो सकता है। इस फैसले से बीएमसी की राजनीति में और उठापटक की संभावना बढ़ गई है।
चुनाव कार्यक्रम
18 फरवरी को नामांकन
सभी समितियों के लिए मंगलवार को नामांकन दाखिल किए जाएंगे।
20 फरवरी को दोहरा चुनाव
शिक्षा समिति का चुनाव सुबह 11 बजे और स्थायी समिति का चुनाव दोपहर 2 बजे होगा। चूंकि शिक्षा समिति का अध्यक्ष स्टैंडिंग कमिटी का सदस्य होता है, इसलिए पहले शिक्षा समिति का चुनाव कराया जाएगा।
23 फरवरी को अन्य समितियां
सुधार समिति और बेस्ट समिति के अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव होंगे।
मार्च में बाकी समितियों का चुनाव
12 मार्च: स्थापत्य समिति (शहर व उपनगर)
13 मार्च: स्वास्थ्य समिति और बाजार-गार्डन समिति
16 मार्च: विधि समिति और महिला व बाल कल्याण समिति
निर्विरोध चुनाव की संभावना
शिवसेना (उद्धव गुट) के महापौर चुनाव में उम्मीदवार न उतारने के बाद अनुमान है कि समितियों के अध्यक्ष पदों पर भी महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा सकते हैं।
पेडणेकर का नाम गायब : परंपरा तोड़ने का आरोप
विपक्ष की नेता और पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर को किसी भी संवैधानिक समिति में शामिल नहीं किया गया। परंपरागत रूप से विपक्ष के नेता को स्थायी समिति का सदस्य बनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार यह प्रथा नहीं निभाई गई।
राजश्री शिरवडकर को शिक्षा समिति में
महापौर पद की दावेदार रही बीजेपी की राजश्री शिरवडकर को स्टैंडिंग कमिटी के बजाय शिक्षा समिति में रखा गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें शिक्षा समिति का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
स्टैंडिंग कमिटी अध्यक्ष की रेस
प्रभाकर शिंदे, मकरंद नार्वेकर और शीतल गंभीर के नाम चर्चा में हैं।
स्थायी समिति में दलवार सदस्य
बीजेपी (10 सदस्य): गणेश खणकर, प्रभाकर शिंदे, राखी जाधव, मकरंद नार्वेकर, हरिष भांदिर्गे, शिवकुमार झा, शीतल गंभीर, प्रकाश दरेकर, प्रिती साटम, तेजिंदर सिंह तिवाना
शिवसेना (शिंदे गुट) (4 सदस्य): अमेय घोले, यामिनी जाधव, अंजलि नायक, डॉ. शाहिदा खान
शिवसेना (उद्धव गुट) (6 सदस्य): श्रद्धा जाधव, यशोधर फड़से, रमाकांत रहाते, मिनाक्षी पाटनकर, जगदीश शिवाल्पे, लक्ष्मी भाटिया
कांग्रेस (3 सदस्य): अशरफ आजमी, डॉ. अजंता यादव, तुलिप मिरांडा
अन्य: मोहम्मद जमीर कुरैशी (एमआईएम), यशवंत किल्लेदार (मनसे)
सदन में हंगामा : नेताओं की घोषणा
महापौर ने गणेश खणकर को सदन का नेता घोषित किया। किशोरी पेडणेकर को विपक्ष की नेता, अशरफ आजमी (कांग्रेस), अमेय घोले (शिंदे गुट), विजय उबाले (एमआईएम), यशवंत किल्लेदार (मनसे) और अमरीन अबहानी (समाजवादी पार्टी) को अपने-अपने दलों का नेता बनाया गया।
“50 खोके” के नारे
अमेय घोले के नाम की घोषणा पर उद्धव सेना के नगरसेवकों ने “50 खोके, बिल्कुल ओके” के नारे लगाए, जिसके जवाब में शिंदे गुट ने भी नारेबाजी की। तृष्णा विश्वासराव और यामिनी जाधव अपनी सीटों से उठकर विरोधियों से भिड़ गईं।
मुलुंड मेट्रो हादसे पर शोक
सदन में मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत और दो के घायल होने पर शोक प्रस्ताव रखा गया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
