मुंबई. बेस्ट उपक्रम में कार्यरत कर्मचारियों के न्यायोचित मांगों को पूरा करने के लिए संघर्षरत बेस्ट वर्कर्स यूनियन की 10 नवंबर से शुरू की गई अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को 12 नवंबर की रात 8:30 बजे सकारात्मक प्रस्ताव मिलने के बाद वापस ले लिया है.
यूनियन ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया था:
बकाया भुगतान: बेस्ट उपक्रम के सरकार और प्रशासन को सेवामुक्ति/सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों के सभी बकाया और ग्रेच्युटी की रकम का भुगतान तत्काल करना चाहिए.
वेतन समानता: बेस्ट कर्मचारियों का वेतन आयोग की सिफारिशों और महानगरपालिका के समान वेतनमान के अनुसार, सभी भत्तों को शामिल करते हुए, दिया जाना चाहिए.
विलय और नियमितीकरण: यूनियन की मांग है कि “अ” श्रेणी के अंतर्गत आने वाले बेस्ट उपक्रम के कर्मचारियों के लिए, महानगरपालिका में विलय/समायोजन किया जाए.
नौकरियों का नियमितीकरण: वर्ष 2018 और उसके बाद दिए गए ‘CL’ (कंप्लीटिंग लेबर) पत्र के तहत नियुक्त कर्मचारियों को पूर्व की भांति प्रवेश दिवस से नियमित किया जाए और उन्हें कार्यरत कर्मचारियों के समान वेतनमान और लाभ दिए जाएं.
बैठक और निर्णय
यूनियन द्वारा दी गई मांगों पर विचार करने के लिए 24.10.2025 को बेस्ट उपक्रम के महाव्यवस्थापक (जीएम) डॉ. सोनिया मेढ़ी और बेस्ट वर्कर्स यूनियन की प्रमुख पदाधिकारियों के बीच पहली बैठक हुई थी. बैठक में, बेस्ट उपक्रम के महाव्यवस्थापक डॉ. सोनिया मेढ़ी और बेस्ट उपक्रम के वरिष्ठ अधिकारी तथा मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के उपायुक्त (Dy. Commissioner) डॉ. प्रशांत नारनवारे के साथ-साथ यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित थे. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ऊपर उल्लेखित सभी लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और संबंधित निर्णय तीन महीने के भीतर चर्चा और विचार-विमर्श के बाद लिए जाएंगे.
उपलब्ध संकेत: कई मांगों पर जल्द फैसला संभव
चर्चा का केंद्र बिंदु कर्मचारियों की नियमितीकरण, वेतनमान संशोधन, सेवा शर्तों में सुधार और लंबित मांगों को हल करना रहा. बैठक के दौरान यह संकेत मिले कि आने वाले महीनों में अधिकांश मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है.

यूनियन का बयान
यूनियन की ओर से बताया गया कि बैठक रचनात्मक रही और प्रशासन ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीरता दिखाई है. आने वाले हफ्तों में अगली बैठक के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी.
