चुनौतियों के बीच दृढ़ नेतृत्व: विकास का अटल संकल्प
देवेंद्र फडणवीस ने 2014 से 2019 के बीच अपनी पहली पारी के बाद, 5 दिसंबर 2024 को तीसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनका 2014 से 2024 तक का राजनीतिक सफर संघर्षों और जटिल चुनौतियों से भरा रहा है. इस दशक में, आरक्षण को लेकर राज्य में विशाल और उग्र आंदोलन देखे गए, जिसने सामाजिक समरसता को भंग किया और समाज में आपसी विद्वेष को बढ़ाया. शासन चलाने के लिए यह दौर सचमुच ‘कांटों पर चलने’ जैसा कठिन था. इसके बावजूद, फडणवीस ने दूरदर्शिता और कुशलता के साथ राज-काज चलाया और सुनिश्चित किया कि इन सामाजिक तनावों का राज्य के विकास एजेंडे पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े.
जनता के विश्वास का आधार
भारतीय जनता पार्टी के मजबूत जनाधार, जनता के बढ़ते भरोसे और केंद्र सरकार के सशक्त सहयोग के दम पर, फडणवीस सरकार
जनहित के बड़े और साहसी फैसले आत्मविश्वास के साथ ले रही है. सीएम देवेंद्र की गतिशील और तत्पर निर्णय क्षमता के कारण कई वर्षों से अटके हुए विशाल प्रोजेक्ट अब सफलतापूर्वक साकार हो रहे हैं. इस एक वर्ष में उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं को पंख दिए हैं और महिलाओं का अटूट विश्वास जीता है. सरकार ने सदैव किसानों को मजबूत संबल प्रदान किया है. यही कारण है कि आम जनता को उनका नेतृत्व हमेशा अपना लगता है और वह उन्हें प्यार से ‘देवाभाऊ’ (देवा भाई) कहकर पुकारती है.
2019 का राजनीतिक भूचाल और चाणक्य की रणनीति
2019 के विधानसभा चुनाव ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नाटकीय मोड़ ला दिया. भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर हुई असहमति के कारण उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और राकां के साथ मिलकर महाविकास आघाडी (मविआ) नामक अप्रत्याशित गठबंधन बना लिया तथा मविआ की सरकार के मुखिया बन गए. देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर विपक्ष के नेता बन गए. यह उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन दौर था, लेकिन इसने उनकी रणनीतिक सूझबूझ को उजागर किया. विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तत्कालीन सरकार की नीतियों, कोविड-19 प्रबंधन में कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर पूरी मविआ खासकर उद्धव ठाकरे की नाक में दम कर दिया था.इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के भीतर पूर्ण एकजुटता बनाने और शिवसेना में मौजूद असंतुष्ट विधायकों के साथ रणनीतिक संपर्क बढ़ाने, जैसे दो महत्वपूर्ण कार्य भी किए. यही धैर्य और रणनीति, जून 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली मविआ सरकार की सत्ता से बेदखली और देवेंद्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में सरकार में वापसी का मूल कारण बनी. फलस्वरूप नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद 5 दिसंबर 2024 को देवेंद्र की तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ का आधार बनी. इस पूरी प्रक्रिया और इससे पहले उद्धव को कई मौकों पर पटखनी देकर देवेंद्र ने साबित किया कि वह सचमुच ‘महाराष्ट्र की राजनीति के नए चाणक्य’ हैं. देवेंद्र से मिली पटखनियों की पीड़ा उद्धव आज भी भूल नहीं पाए हैं.
संयमी: काम से दिया हर आलोचना का जवाब
नगरसेवक से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर तय करने वाले फडणवीस को प्रशासनिक तंत्र की गहरी समझ है. राजनीतिक विरोधियों ने उनकी शारीरिक बनावट, जाति और परिवार को लेकर अत्यंत निम्न-स्तरीय व्यक्तिगत आलोचना की. फिर भी फडणवीस ने कभी भी अपना संयम नहीं खोया. उन्होंने कटु आलोचनाओं का जवाब सिर्फ अपने प्रभावशाली काम से दिया और हर बार अपने विरोधियों को निरुत्तर किया. इसी शालीनता और कार्य-क्षमता ने उन्हें पूरे महाराष्ट्र का लाडला नेता बना दिया. ‘केंद्र में नरेंद्र, राज्य में देवेंद्र’ का नारा उनकी कार्यशैली को मिली जनता की सच्ची दाद थी. वह अपना हर पल राज्य को शक्तिशाली और विकसित बनाने में लगाते हैं.
सुशासन का सूत्र: पारदर्शी और लोक-केंद्रित विकास
देवेंद्र ने राज्य में अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाया तो वहीं सरकार के रूप में लिए गए उनके निर्णयों में तेज गति, पूर्ण पारदर्शिता और लोक-केंद्रित दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से झलकते हैं. इस एक वर्ष में लिए गए फैसलों से आम जनता के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखने शुरू हो गए हैं. आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर जोर देकर सरकार ने महाराष्ट्र की नींव को अभूतपूर्व मजबूती दी है. आने वाले 5 वर्षों में यह विकास कार्य मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र की तस्वीर पूरी तरह से बदलकर रख देंगे, जिससे राज्य एक नई ऊंचाई हासिल करेगा.
सीएम देवेंद्र के एक दशक के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां
2014 का वर्ष भारतीय राजनीति में एक परिवर्तनकारी मोड़ था. केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने महाराष्ट्र की राजनीति को भी नया आकार दिया. इसके बाद भी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी बीजेपी को अपनी परंपरागत सहयोगी शिवसेना से अलग होकर चुनाव लड़ना पड़ा. चुनाव में मिली जीत के उपरांत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने 44 वर्षीय देवेंद्र फडणवीस को राज्य में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया. यह चुनाव केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि ‘विकास’, ‘सुशासन’ और ‘युवा नेतृत्व’ के एक नए मॉडल का प्रतिनिधित्व करनेवाला साबित हुआ था. सीएम बने फडणवीस के सामने राज्य को आर्थिक मंदी से उबारना, बुनियादी ढांचे को नया मजबूत स्वरूप देना, कृषि संकट का सामना और राजनीतिक गठबंधन में स्थिरता बनाए रखने जैसी बहुआयामी चुनौतियां मुंह बाए खड़ी थीं. फडणवीस ने सरकारी प्रक्रियाओं में ‘पारदर्शिता’ और ‘त्वरित निर्णय’ को प्राथमिकता दी. फाइलों पर तेजी से कार्यवाही और उनकी डिजिटल पहलों ने नौकरशाही में नई गति पैदा की. उनकी सुलभता और अधिकारियों के साथ सीधा संवाद चर्चा का विषय बना. इसी की बदौलत फड़णवीस खुद को साबित करने में सफल हुए.
ये रहीं प्रमुख उपलब्धियां
जल संरक्षण का जन-आंदोलन
‘जलयुक्त शिवार’ योजना: जलयुक्त शिवार योजना देवेंद्र फडणवीस सरकार की एक महत्वाकांक्षी और व्यापक पहल थी. इस जल संरक्षण और कृषि-केंद्रित योजना का उद्देश्य राज्य को सूखे और जल संकट से मुक्त करना था. गांवों में भूजल स्तर को रिचार्ज करना. कृषि क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी करना. योजना ने महाराष्ट्र में जल संकट को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर जन-आंदोलन का रूप ले लिया. योजना की शुरुआत 31 अक्टूबर, 2014 ( फडणवीस के पहले कार्यकाल) को हुई थी. अभियान ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई और अल्पकाल में सकारात्मक परिणाम दिखाए. योजना ने महाराष्ट्र की जल नीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है और आज भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है.
सामाजिक आर्थिक पहल (समावेशी विकास):
स्किल डेवलपमेंट: महाराष्ट्र स्टेट स्किल डेवलपमेंट सोसायटी (एमएमएसडीसी) के माध्यम से युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण और महिला आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज और बाजार से जोड़ने के कार्यक्रम.
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा, महा-ई-सेवा जैसे डिजिटल पोर्टलों का विस्तार.
बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता
वाढवण बंदर से व्यापार को गति
वाढवण बंदरगाह, महाराष्ट्र में पालघर के पास विकसित किया जा रहा एक महत्वाकांक्षी गहरे समुद्री परियोजना है. यह भारत की समुद्री व्यापार क्षमता को बढ़ाने, विश्व स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करने और मुंबई बंदरगाह पर दबाव कम करने में महत्वपूर्ण मदद करेगा. फडणवीस के दूरदर्शी दृष्टिकोण से यह परियोजना आकार ले रही इस परियोजना से पूरे देश के आर्थिक विकास और व्यापार को बड़ी गति मिलेगी. केंद्र ने परियोजना के लिए 71 हजार करोड़ रुपए का फंड मंजूर किया है. वाढवण बंदरगाह के पहले चरण का काम 2029 में पूरा हो जाएगा. इसकी प्राकृतिक गहराई 20 मीटर से अधिक होने के कारण बड़े जहाजों के लिए यहां से परिवहन करना सुविधाजनक होगी.
समृद्धि महामार्ग से यात्रा को गति
नरेंद्र मोदी ने नागपुर में किया था. इसके बाद शिरडी से भरवीर तक 70 किलोमीटर की दूरी के चरण का उद्घाटन 26 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों किया गया था. लेकिन अब इस काम को तेजी से आगे बढ़ाने का काम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कर रहे हैं. इसमें अब पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (जालना-नलदुर्ग खंड) और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण व नवीनीकरण पर काम शुरू हुआ है.
कोस्टल रोड: समय और ईंधन की बचत
मुंबई शहर पर आने वाले यातायात के दबाव को कम करने के लिए फडणवीस ने विशेष प्रयास किए. इस दबाव को कम करने के लिए 29.2 किलोमीटर का कोस्टल रोड बनाया जा रहा है और इसे निरंतर आगे बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है. फिलहाल आठ लेन वाला यह कोस्टल रोड मरीन लाइन्स से कांदिवली तक फैला हुआ है. इस सड़क से दक्षिण से उपनगरों में जाने के लिए लगने वाला यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. कुल मार्ग में से नरीमन पॉइंट से बांद्रा तक का काम पूरा हो चुका है. बांद्रा से कांदिवली तक का काम प्रगति पर है. इस पर राज्य सरकार 13 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी. 2018 में जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तभी इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी. 2026 तक परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे
भारत के इस सबसे व्यस्त रूट पर पहले फुल-फ्लेज एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ाया गया. यह 94.5 किमी लंबा, छह-लेन का एक्सप्रेस-वे 2018 में पूरा हुआ और यात्रा समय को घटाकर लगभग 2 घंटे कर दिया.
शहरी सड़क और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट
मुंबई में सांताक्रूज-चेंबूर लिंक रोड (एससीएलआर) सहित कई अन्य फ्लाईओवर, लिंक रोड एवं शहरी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी गई. कोस्टल रोड (मरीन ड्राइव) के कुछ हिस्सों का भी उन्नयन किया गया. नागपुर और पुणे रिंग रोड, सिटी रोड विस्तार और फ्लाईओवर निर्माण को गति मिली. नाशिक-गोदावरी ब्रिज/पुलों का निर्माण और शहरी सड़क नेटवर्क सुधार भी इसमें शामिल है.
‘ग्रीन महाराष्ट्र’ की ओर ऊर्जा क्षेत्र
फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र ने ऊर्जा क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन किया. ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के कार्यान्वयन को दिए गए प्रोत्साहन, ‘मुख्यमंत्री सौर कृषिवाहिनी योजना’, ‘सौर कृषि पंप योजना’ जैसी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के कारण फडणवीस ने ‘सोलर मैन’ के रूप में पहचान बनाई. महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन रहा है, जहां किसानों को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित बीज और सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे प्रदूषण रहित खाद्य उत्पादन संभव होगा. फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने एक साल पूरा होने पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. महाराष्ट्र ने महज एक महीने में 45,911 सोलर पंप लगाकर ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज करा लिया है.
महावितरण के प्रयासों से देशभर में जितने सोलर पंप लगाए गए हैं, उनमें से 65 प्रतिशत अकेले महाराष्ट्र में लगाए गए हैं. इस कारण महाराष्ट्र इस क्षेत्र में देश में नंबर 1 पर पहुंच गया है. अगले एक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य फडणवीस सरकार ने निर्धारित किया है. इससे राज्य को करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा. कुल मिलाकर फडणवीस की दूरदर्शिता के कारण ही ऊर्जा क्षेत्र आज ‘ग्रीन महाराष्ट्र’ की दिशा में तेजी प्रगति कर रहा है.
स्लम से बड़ी इमारतों में घर
सरकार ने बीडीडी चालों का पुनर्विकास कराकर आम मराठी आदमी को ऊंची इमारतों में और वह भी वर्ली में ही 500 वर्ग फुट का घर दिलाया. एक समय में केवल असंभव लगने वाली ‘धारावी पुनर्विकास परियोजना’ हो या समग्र रूप से मुंबई को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त करने का विजन, अब केवल एक सपना नहीं रहा है बल्कि हकीकत बनने के करीब तेजी से पहुंच रहा है.
ड्रग्स विरोधी ‘जीरो टॉलरेंस’
कानून-व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस विभाग में भी सरकार ने सुधार किए हैं. राज्य में 15 हजार पदों के लिए पुलिस भर्ती शुरू की है. आयु सीमा पार कर चुके लोगों को विशेष अवसर दिया जा रहा है. ड्रग्स विरोधी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए, ड्रग्स तस्करों के खिलाफ मकोका (एमसीओसीए) जैसे कानून लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. देश की पहली फोरेंसिक मोबाइल वैन शुरू की गई है. सरकार ने 256 फोरेंसिक मोबाइल लैब एम्बुलेंस दीं हैं.
बहनों के प्रिय, किसानों के आधार
‘लाडली बहन’, ‘अन्नपूर्णा’, ‘सौर कृषिपंप’ और ‘नमो शेतकरी सन्मान निधी’ जैसी योजनाओं से सरकार की सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना दिखती है. इन योजनाओं के लाभ सीधे निचले स्तर तक पहुंचे. राज्य सरकार की ‘लाडली बहन योजना’ सबसे प्रभावी रही है. राज्य की लगभग 2.5 करोड़ महिलाओं के नाम पर डेढ़ हजार रुपए सीधे बैंक खाते में जमा किए जा रहे हैं. यह राशि भी बिना चूके खाते में जमा हो रही है, इसलिए यह योजना हर महिला की ज़ुबान पर है. इससे ही योजना की लोकप्रियता का अनुमान लगाया जा सकता है. महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत पिछले 10 वर्षों से घरेलू गैस सिलेंडर पूरी तरह से मुफ्त मिल रहा है. ‘नमो शेतकरी सन्मान’ योजना के अनुसार हर छह महीने में किसानों के खाते में पैसे जमा किए जा रहे हैं. इससे किसानों को यह सरकार एक बड़ा सहारा लगती है.
स्वयं पुनर्विकास प्राधिकरण से राहत
महायुति सरकार ने स्वयं पुनर्विकास प्राधिकरण नियुक्त करके पुनर्विकास में आने वाली कई कठिनाइयों को पार करते हुए सामान्य मकान धारकों को बड़ी राहत दी है. इससे सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं की स्वयंपुनर्विकास प्रक्रिया को संस्थागत बल मिला है. सामान्य पुनर्विकास में डेवलपर सभी नियोजन और वित्तपोषण को नियंत्रित करता है, जबकि स्वयंपुनर्विकास में सोसायटी को परियोजना पर पूर्ण नियंत्रण रखने का अवसर मिलता है. इसमें सदस्यों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी. डेवलपर का लाभ सोसायटी के सदस्यों में ही विभाजित होगा. प्राधिकरण के माध्यम से प्रक्रिया होने के कारण परियोजना में अधिक पारदर्शिता आएगी. यदि प्राधिकरण के पास भवन मंजूरी सहित अन्य अधिकार हैं तो एक-खिड़की पद्धति से मंजूरी मिलना आसान हो जाएगा. इससे समय और संसाधनों की बचत होगी.
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू


घरेलू और विदेश यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ने से मुंबई हवाई अड्डे पर भारी दबाव पड़ रहा था. इसलिए एक वैकल्पिक हवाई अड्डा अत्यंत आवश्यक था. इससे नवी मुंबई के हवाई अड्डे का विकल्प सामने आया. लेकिन कई प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण यह परियोजना अत्यधिक विलंबित हो गई थी. फडणवीस ने मुख्यमंत्री के रूप में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए. भूमि अधिग्रहण में आने वाली कठिनाइयों, पर्यावरण विभाग से ली जाने वाली अनुमतियों से कुशलतापूर्वक रास्ता निकाला. केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में धन हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए. इन सभी बाधाओं को सफलतापूर्वक पार करने से ही नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का रास्ता साफ हुआ. अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस महत्वाकांक्षी हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया. दिसंबर के अंत तक इस हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू हो जाएंगी.
2 अरब डॉलर के ‘एफडीआई’ का रिकॉर्ड
क्षेत्रों की कंपनियों के साथ एक लाख करोड़ रुपए का समझौता, ग्रीन स्टील क्षेत्र में 80,962 करोड़ रुपए का निवेश और ‘इंडिया मेरीटाइम वीक’ में हुए समझौतों ने औद्योगिक प्रगति को एक नया आयाम दिया है.
एक नजर में फडणवीस सरकार का पिछला एक साल
5 दिसंबर 2024 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पुनः शपथ लेते समय फडणवीस ने प्रण लिया था कि ‘अब महाराष्ट्र रुकेगा नहीं.’ उनका वह ‘संकल्प’ पिछले एक वर्ष में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में राज्य में हासिल की गई गतिमान विकास की ऊंचाई में प्रतिबिंबित होता हुआ दिखाई देता है.
फडणवीस सरकार के विकास पर डाली गई यह एक विहंगम दृष्टि…
महाराष्ट्र में मेट्रो क्रांति
मुख्यमंत्री फडणवीस के पहले कार्यकाल के दौरान, राज्य में मेट्रो रेल परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी, निर्माण और विस्तार किया गया. इस अवधि को महाराष्ट्र में मेट्रो क्रांति की शुरुआत के रूप में देखा जाता है. उनकी सरकार ने न केवल मुंबई मेट्रो के विस्तार पर बल दिया, बल्कि अन्य प्रमुख शहरों जैसे नागपुर और पुणे में मेट्रो प्रणालियों को गति दी. वर्तमान में मुंबई में चार मार्गों पर मेट्रो कार्यरत हैं. इनमें देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में मुंबई में तीन मेट्रो मार्ग कार्यान्वित हुए. इसमें दहिसर से अंधेरी, दहिसर से डीएन नगर और बहुप्रतीक्षित कफ परेड मुंबई मेट्रो 3 शामिल हैं. सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पुणे और नागपुर जैसे शहर भी मेट्रो जाल के विस्तार में अग्रणी शहरों के रूप में पहचाने जाते हैं. मुंबई मेट्रो 1 को छोड़कर, राज्य भर में शेष मेट्रो लाइनों को देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में ही अनुमति दी गई.

मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का पूरा विवरण
मुंबई मेट्रो का त्वरित विस्तार
मेट्रो लाइन 1 (वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर): 2014 में शुरू हुई 11.4 किमी की यह लाइन पहले से ही चालू थी, लेकिन नेटवर्क के विस्तार की नींव फडणवीस के पहले कार्यकाल के दौरान रखी गई. फडणवीस सरकार ने मेट्रो लाइन 2 (दहिसर से मंडाले) और लाइन 7 (अंधेरी पूर्व से दहिसर पूर्व) के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया. मुंबई मेट्रो लाइन 3 (कोलाबा-सीपीज-एयरपोर्ट), जो एक भूमिगत लाइन है, को भी इसी कार्यकाल में आगे बढ़ाया गया.
मेट्रो 8 को भी मंजूरी- मुंबई से नवी मुंबई के लिए नई मेट्रो लाइन
मुंबई एयरपोर्ट को नवी मुंबई एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने वाला मेट्रो प्रोजेक्ट मेट्रो लाइन 8 मुंबईकरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. मेट्रो लाइन 8 को गोल्ड लाइन के नाम से भी जाना जाता है. यह मेट्रो लाइन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल टर्मिनस (मुंबई एयरपोर्ट) को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगी. महाराष्ट्र सरकार ने इस रूट को भी मंजूरी दे दी थी. इस मेट्रो लाइन का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा और इससे मुंबई से नवी मुंबई का सफर बस कुछ ही मिनटों का हो जाएगा.
नागपुर मेट्रो का शुभारंभ और निर्माण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास: नागपुर मेट्रो का औपचारिक शिलान्यास दिसंबर 2014 में किया गया. 40 किमी के पहले चरण में दो कॉरिडोर, नागपुर मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण तेजी से शुरू हुआ. लाइन 1 (सिताबर्डी से खापरी) और लाइन 2 (प्रगति मैदान से लोकमान्य नागर) का निर्माण इसी कार्यकाल में हुआ. पहली ट्रेन का परीक्षण: 2018 में नागपुर मेट्रो की पहली ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया. इसमें उल्लेखनीय यह है कि नागपुर भारत का पहला शहर बना जहां मेट्रो में सोलर पावर से चलने वाली लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए.
पुणे मेट्रो का निर्माण-शुभारंभ:
पुणे मेट्रो परियोजना को हरी झंडी मिली और लाइन 1 (पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट) और लाइन 2 (वनाज से रामवाड़ी) के निर्माण कार्य को गति दी गई. महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा मेट्रो) की स्थापना की गई, जिसने नागपुर और पुणे मेट्रो परियोजनाओं के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संभाली.
अन्य मेट्रो योजनाएं:
ठाणे, नासिक, ठाणे-कल्याण, पिंपरी-चिंचवड़ आदि शहरों के लिए मेट्रो/मेट्रो नियो की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने या मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू की गई.
मेट्रो विकास के महत्वपूर्ण चरण (2024-2025)
| दिनांक | विवरण |
| 16 दिसंबर 2024 | एशियाई विकास बैंक द्वारा नागपुर मेट्रो-2 परियोजना के लिए ₹1527 करोड़ स्वीकृत. |
| 27 जनवरी 2025 | मुंबई मेट्रो (सीएसएमआईए से नवी मुंबई हवाई अड्डा) परियोजना के ‘पीपीपी’ मॉडल पर कार्यान्वयन को मंजूरी। |
| 16 अप्रैल 2025 | मुंबई मेट्रो 2 मार्ग के पहले चरण का उद्घाटन। |
| 17 अप्रैल 2025 | मुंबई मेट्रो 3 (अंधेरी पूर्व से सीएसएमआईए टी-2) मार्ग पर टनल का सफल ब्रेक-थ्रू। |
| 9 मई 2025 | मुंबई मेट्रो मार्ग 3 (आरे से आचार्य अत्रे चौक) चरण 2 सेवा का शुभारंभ। |
| 14 मई 2025 | मेट्रो लाइन 9 (भायंदर से दहिसर) का तकनीकी परीक्षण। |
| 25 जून 2025 | पुणे मेट्रो चरण 1 और 2 के विस्तार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी। |
| 14 अगस्त 2025 | मंडाले (मुंबई) में देश की सबसे बड़ी मेट्रो प्रशिक्षण संस्था का उद्घाटन। |
| 19 अगस्त 2025 | मेट्रो मार्गिका 11 (वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया) परियोजना को हरी झंडी। |
| 3 सितंबर 2025 | पुणे मेट्रो पर बालाजीनगर और बिबवेवाडी स्टेशनों को मंजूरी |
| 3 सितंबर 2025 | नागपुर मेट्रो चरण 2 के ऋण को मंत्रिमंडल की मंजूरी |
| 3 सितंबर 2025 | वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया परियोजना को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी |
| 22 सितंबर 2025 | मुंबई मेट्रो लाइन 7 और 9 के पहले चरण का परीक्षण |
| 8 अक्टूबर 2025 | मुंबई मेट्रो 3 (आरे से कफ परेड) मार्ग जनता के लिए शुरू |
| 26 नवंबर 2025 | राज्य सरकार द्वारा मुंबई मेट्रो को ₹522 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण |
समृद्ध महाराष्ट्र का आधार: गतिमान सड़क परियोजनाएं
| दिनांक | विवरण |
| 24 जून 2025 | शक्तिपीठ महामार्ग के भूमि अधिग्रहण के लिए ₹20 हजार करोड़ की वित्तीय मंजूरी. |
| 5 अगस्त 2025 | वाढवण बंदर ‘फ्रेट कॉरिडोर’ को समृद्धि महामार्ग से जोड़ने की योजना. |
| 28 अगस्त 2025 | शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना को औपचारिक रूप से शुरू करने के लिए सरकार की मंजूरी. |
| 25 नवंबर 2025 | उत्तन से विरार सागरी सेतु (Sea Link) के निर्माण को राज्य शासन की मंजूरी. |
हवाई यातायात: महाराष्ट्र नंबर वन
| दिनांक | विवरण |
| 8 अक्टूबर 2025 | नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का भव्य उद्घाटन. |
मराठी मानुस के गृहस्वप्न की पूर्ति (आवास एवं विकास)
| दिनांक | विवरण |
| 18 अप्रैल 2025 | झोपड़ी धारकों की पात्रता/अपात्रता निश्चित करने के लिए स्वचालित परिशिष्ट-2 प्रणाली शुरू. |
| 30 अप्रैल 2025 | प्रभावितों को फ्लैट निर्माण कर वितरित करने के संबंध में नई नीति. |
| 20 मई 2025 | नई गृहनिर्माण नीति (Housing Policy) को मंत्रिमंडल की मंजूरी. |
| 12 जून 2025 | बीडीडी चाल के पुनर्विकास की शुरुआत. |
| 4 जुलाई 2025 | प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2 के लिए म्हाडा को नोडल एजेंसी बनाया गया. |
| 14 अगस्त 2025 | बीडीडी चाल निवासियों के सपनों की पूर्ति: 556 फ्लैटों का वितरणय. |
| 29 सितंबर 2025 | स्वयं समूह पुनर्विकास प्राधिकरण की स्थापना और अध्यक्ष की नियुक्ति. |
| 3 नवंबर 2025 | बीडीडी चाल को ‘अत्यावश्यक परियोजना’ के रूप में घोषित किया गया. |
| 13 नवंबर 2025 | झोपड़पट्टी समूह पुनर्विकास योजना (स्लम क्लटर रीडेवलपमेंट) लागू करने की मंजूरी. |
ऊर्जा क्षेत्र में महाराष्ट्र अव्वल!
राज्य में लोड शेडिंग कम करने के लिए, बिजली उत्पादन से लेकर वितरण तक की प्रणाली में सुधार करते हुए, पर्यावरण अनुकूल बिजली उत्पादन की योजना देवेंद्र फडणवीस की दूरदर्शिता से साकार की गई. महाराष्ट्र में पहली बार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों को बिजली की दर कम करके राहत दी गई. मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना, अपारंपरिक ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन, मुख्यमंत्री बलीराजा (किसान) मुफ्त बिजली योजना और हानि-मुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहन देते हुए, महाराष्ट्र के ऊर्जा विभाग में भी सीधा विदेशी निवेश के मार्ग खुले. पुणे, छत्रपति संभाजी नगर, रायगढ़, नंदुरबार, अहिल्या नगर और नवी मुंबई जैसे क्षेत्रों में बिजली के क्षेत्र में काम शुरू हुआ.
