नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। मोदी सरकार के इस बजट में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर जोर देते हुए सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री के रूप में यह उनका लगातार 9वां बजट है, जिसके साथ ही उन्होंने पी. चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
आयकर: 12.75 लाख रुपये तक की आय ‘टैक्स फ्री’
वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू करने की घोषणा की है। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन पिछले साल की तरह छूट बरकरार है।
- न्यू टैक्स रिजीम: 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट जारी रहेगी। 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को मिलाकर प्रभावी रूप से 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा।
- नया स्लैब: 4 लाख तक (0%), 4-8 लाख (5%), 8-12 लाख (10%), 12-16 लाख (15%), 16-20 लाख (20%), 20-24 लाख (25%) और 24 लाख से ऊपर 30% टैक्स लगेगा।
यहां बजट 2026 की नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के आधार पर एक विस्तृत कैलकुलेशन चार्ट दिया गया है। इसमें ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल किया गया है, जो वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है।
इनकम टैक्स कैलकुलेशन चार्ट (FY 2026-27)
| कुल वार्षिक आय (Annual Income) | स्टैंडर्ड डिडक्शन | कर योग्य आय (Taxable Income) | प्रभावी टैक्स (Tax Amount) |
| ₹12,75,000 तक | ₹75,000 | ₹12,00,000 | ₹0 (शून्य) |
| ₹15,00,000 | ₹75,000 | ₹14,25,000 | ₹73,750 |
| ₹20,00,000 | ₹75,000 | ₹19,25,000 | ₹1,65,000 |
| ₹25,00,000 | ₹75,000 | ₹24,25,000 | ₹3,07,500 |
टैक्स स्लैब को समझें (New Tax Regime)
नया कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसके तहत स्लैब इस प्रकार हैं:
- रुपए 0 – रुपए 4,00,000: कोई टैक्स नहीं (0%)
- रु. 4,00,001 – रु. 8,00,000: 5%
- रु. 8,00,001 – रु. 12,00,000: 10%
- रु. 12,00,001 – रु. 16,00,000: 15%
- रु. 16,00,001 – रु. 20,00,000: 20%
- रु. 20,00,001 – रु. 24,00,000: 25%
- रु. 24,00,000 से ऊपर: 30%
विशेष नोट: हालांकि स्लैब ₹4 लाख से शुरू होते हैं, लेकिन सरकार की ‘टैक्स रिबेट’ (Tax Rebate) नीति के कारण ₹12 लाख तक की आय पर लगने वाला टैक्स माफ कर दिया जाता है। इसीलिए ₹12.75 लाख (स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ) तक की कमाई पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
पुरानी बनाम नई व्यवस्था (संक्षिप्त तुलना)
यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनते हैं, तो वहाँ स्लैब अब भी पुराने ही हैं (₹2.5 लाख तक मुक्त), लेकिन वहां आप 80C (LIC, PPF) और होम लोन के ब्याज पर छूट का दावा कर सकते हैं। मध्यम वर्ग के लिए अब नई व्यवस्था अधिक सरल और फायदेमंद साबित हो रही है।
क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
बजट में सीमा शुल्क (Customs Duty) में बदलाव के कारण कई घरेलू उत्पाद सस्ते होंगे:
| सस्ता (घटे दाम) | महंगा (बढ़े दाम) |
| मोबाइल फोन और बैटरी | शराब (Liquor) |
| 17 प्रकार की कैंसर और मधुमेह की दवाएं | आयातित सामान (Imported Goods) |
| चमड़े के उत्पाद और सिंथेटिक जूते | स्क्रैप (Scrap) |
| लिथियम-आयन सेल और ईव्ही (EV) | खनिज (Minerals) |
| सोलर ग्लास और माइक्रोवेव ओवन |
इंफ्रास्ट्रक्चर: हाई-स्पीड रेल और नए जलमार्ग
देश की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं:
- 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट पर हाई-स्पीड ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है।
- 20 नए जलमार्ग: अगले 5 वर्षों में 20 अंतर्देशीय जलमार्ग शुरू होंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा के ‘नेशनल वाटरवे-5’ से होगी।
- टियर-2 और टियर-3 शहरों पर जोर: 5 लाख से अधिक आबादी वाले छोटे शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
उद्योग और स्टार्टअप: सेमीकंडक्टर के लिए 40,000 करोड़
- सेमीकंडक्टर: भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- बायोफार्मा शक्ति मिशन: दवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
- महात्मा गांधी ग्राम स्वराज: खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए यह नई पहल शुरू की गई है।
- रेयर-अर्थ कॉरिडोर: ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनिज संपदा के दोहन के लिए विशेष कॉरिडोर बनेंगे।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण: हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार ने प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। यह सुविधा VGF (Viability Gap Funding) योजना के तहत दी जाएगी, ताकि दूर-दराज की लड़कियों को सुरक्षित आवास मिल सके।
वित्त मंत्री का संदेश: “यह बजट विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। हम पिछले 12 वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे गरीबी कम हुई है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।”
