विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में सरकार को घेरा
पीड़ित को 10 लाख मुआवजे की भी मांग
मुंबई: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक किसान की किडनी लूटे जाने के सनसनीखेज मामले ने राजनीति गरमा दी है। कांग्रेस विधिमंडल नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि इस अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट में दिल्ली के एक पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर का हाथ है। उन्होंने मांग की कि इस डॉक्टर समेत सभी आरोपियों के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) लगाया जाए।
वडेट्टीवार ने बताया कि चंद्रपुर के नागभीड तालुका के मिथूर गांव का रोशन कुडे नामक अल्पभूधारक किसान साहूकार के जाल में फंस गया। उसने महज एक लाख रुपए का कर्ज लिया था, लेकिन साहूकार ने उससे 74 लाख रुपए वसूल लिए। इसके बाद भी जब कर्ज नहीं उतरा। साहूकार ने किसान का खेत और ट्रैक्टर भी छीन लिया। इतना ही नहीं कर्ज से मुक्ति के लिए मजबूर किसान को डेटा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजा गया, जहां उसकी किडनी लूट ली गई।
पद्मश्री डॉक्टर पर गंभीर आरोप
विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में दावा किया कि इस रैकेट की पूरी पड़ताल में पता चला है कि इसमें दिल्ली का एक पद्मश्री डॉक्टर भी शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या सरकार में इस डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है?” उन्होंने आरोप लगाया कि यह रैकेट दिल्ली और दक्षिण भारत तक फैला हुआ है। कांग्रेस नेता ने पहल करते हुए पीड़ित किसान रोशन कुडे को स्वदेश वापस लाने में मदद की।
मकोका लगाने और मुआवजे की मांग
वडेट्टीवार ने मांग की कि इस किडनी लूट कांड के मुख्य सूत्रधारों और साहूकारों पर मकोका के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने पीड़ित किसान के परिवार को तत्काल राहत पहुंचाने की मांग करते हुए कहा कि किसान अपनी किडनी गंवा चुका है और पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहायता कोष से पीड़ित किसान को 10 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक मदद देने की भी मांग उठाई।
सरकार का आश्वासन
इस मामले में जवाब देते हुए गृहराज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि फरार चल रहे डॉक्टरों समेत सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून को और कठोर बनाया जाएगा। पीड़ित किसान को आर्थिक मदद दिए जाने के सवाल पर राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी आरोपियों की संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए हैं. साहूकारी पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को हर तीन महीने में लाइसेंसधारी साहूकारों का डेटा सौंपना होगा और शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
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