मुंबई : बीएमसी (मुंबई महानगरपालिका) क्षेत्र में लगभग 1 लाख 41 हज़ार 356 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं। राज्य सरकार और महानगरपालिका के समन्वय से शहर के विकास और नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। यह जानकारी उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान दी।
सरकार का बकाया भुगतान किश्तों में किया जाएगा
मंत्री डॉ. सामंत ने कहा कि विभिन्न विभागों से मुंबई महानगरपालिका को मिलने वाली 10 हज़ार 931 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्राथमिक शिक्षा विभाग की ओर से देय धनराशि के मामले में सकारात्मक हल निकाला जाएगा। आरटीई के तहत महानगरपालिका को देय 86 करोड़ रुपये का फंड भी जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रमुख विकास कार्य जारी
सदस्य सुनील शिंदे के प्रश्न पर चर्चा में भाग लेते हुए एड. अनिल परब, जगन्नाथ अभ्यंकर और सचिन अहिर ने भी उप-प्रश्न पूछे। इस दौरान डॉ. सामंत ने मुंबई में चल रही प्रमुख परियोजनाओं का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि तटीय सड़क (कोस्टल रोड), शहर के पुल, सड़कों का कंक्रीटीकरण, नदियों का पुनरुद्धार (विशेषकर मिठी नदी), एमएलडी जल शोधन परियोजना, वर्षा जल निकासी (स्ट्रॉन्ग वॉटर ड्रेनेज), जल आपूर्ति और सीवेज निपटान जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं।
महानगरपालिका के राजस्व स्रोत बढ़ाने पर जोर
डॉ. सामंत ने बताया कि महानगरपालिका के आर्थिक स्रोत बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महानगरपालिका के कुछ भूखंडों को दीर्घकालिक पट्टे पर देने का निर्णय लिया गया है, जिससे नगर निकाय को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
मुंबई के विकास के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन
मुंबई, 13 मार्च: राज्य सरकार मुंबई के विकास के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुंबईकरों को बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। यह बात उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट पर नगर विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कही।
सड़कों के कंक्रीटीकरण का काम 75% पूरा
मंत्री डॉ. सामंत ने कहा कि मुंबई में सड़क कंक्रीटीकरण के दोनों चरणों का लगभग 74 से 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए महानगरपालिका को उचित निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई सड़क अधूरी है या उसके काम में देरी हो रही है, तो संबंधित आयुक्तों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
चिकित्सा सुविधाओं और झोपड़पट्टियों पर निर्णय
डॉ. सामंत ने बताया कि महानगरपालिका के चार मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया गया है। जिन अस्पतालों में जगह की कमी है, वहां सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर अधिक बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नई झोपड़पट्टियों को मान्यता देने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सीधे घोषणा करने के बजाय, पहले सर्वेक्षण करना आवश्यक होगा। पुनर्वास योजना तय करने के बाद ही इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा।
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