नांदेड के किसान अधिवेशन में डिप्टी सीएम शिंदे ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुंबई: नांदेड के लोहा में आयोजित किसान अधिवेशन और पार्टी प्रवेश कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कानून किसानों के हित के लिए बनाए जाते हैं, किसान कानूनों के लिए नहीं होते। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने किसानों का इस्तेमाल कर उन्हीं का नुकसान किया, लेकिन उनकी सरकार ने हमेशा किसानों के भले के लिए ठोस निर्णय लिए हैं।
कार्यक्रम में डीसीएम शिंदे ने विकास कार्यों, किसान हित में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी तो वहीं विपक्ष पर उन्होंने तीखा हमला बोला। इस मौके पर हजारों किसानों की भारी भीड़ उपस्थिति रही। शिंदे ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के फैसलों का जिक्र करते हुए बताया कि पहली ही कैबिनेट बैठक में चार सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही बंद पड़े मराठवाड़ा वॉटर ग्रिड प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया गया। राज्य में 4.29 लाख करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे 32.45 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचाई के तहत लाने का लक्ष्य है।
किसानों के लिए अहम फैसले और राहत योजनाएं
शिंदे ने बताया कि सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं:
प्राकृतिक आपदा में एनडीआरएफ के मापदंड बदलकर दोगुनी मदद
नुकसान भरपाई की सीमा 2 हेक्टेयर से बढ़ाकर 3 हेक्टेयर
लगातार बारिश और वन्यजीवों से नुकसान पर भी मुआवजा
1 रुपए में फसल बीमा योजना
‘नमो शेतकरी’ और कर्जमाफी पर जोर
शिंदे ने कहा कि केंद्र की योजना के साथ राज्य सरकार अतिरिक्त 6,000 रुपए दे रही है। उन्होंने दो लाख रुपए तक कर्ज माफी और नियमित भुगतान करने वाले किसानों को 50,000 रुपए प्रोत्साहन देने का भी जिक्र किया।
आपदा के समय किसानों के साथ खड़ी सरकार
उन्होंने कहा कि संकट के समय कार्यकर्ताओं को मुंबई बुलाने के बजाय सीधे किसानों की मदद के लिए भेजा गया। “किसानों की दिवाली काली नहीं होने देंगे,” यह उनका संकल्प है।
किसान आत्महत्या रोकने पर फोकस
शिंदे ने कहा कि सरकार किसानों को जोड़ धंधे उपलब्ध कराने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और आर्थिक स्थिरता लाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आत्महत्याओं पर रोक लगाई जा सके।
शंकर राव धोंडगे के शिवसेना में शामिल होने का स्वागत
कार्यक्रम में किसान नेता शंकर राव धोंडगे के शिवसेना में शामिल होने पर शिंदे ने उनका स्वागत किया और कहा कि उनके नेतृत्व में किसान आंदोलन और मजबूत होगा।
महिलाओं और शिक्षा के लिए योजनाएं
शिंदे ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ (लाडली बहन) योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं, जिसे भविष्य में बढ़ाया जाएगा। साथ ही बेटियों की उच्च शिक्षा मुफ्त करने और ‘लखपति’ जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया।

“मैं किसान का बेटा हूं” – शिंदे
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे एक किसान के बेटे हैं और संघर्ष के दम पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे जनता से किया वादा निभाने वाले नेता हैं।
567 फैसलों से विकास को गति
शिंदे ने दावा किया कि अपने ढाई साल के कार्यकाल में उन्होंने 567 महत्वपूर्ण निर्णय लेकर राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा किया है।
भावुक अपील के साथ भाषण का समापन
भाषण के अंत में उन्होंने कहा, “मैं भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि मेरा किसान सुखी रहे और आत्महत्याएं बंद हों।” इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और हजारों किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

