73 लाख से अधिक की भ्रामक दवाइयां जब्त
मुंबई: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने राज्यभर में एक साथ जोरदार कार्रवाई करते हुए भ्रामक विज्ञापनों वाली आयुर्वेदिक दवाओं का 73,24,656 रुपए का स्टॉक जब्त किया है। नवनियुक्त आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 29 मई 2026 को यह कार्रवाई की गई, जो राज्य में इस तरह की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
सात विभागों में एक साथ छापे
‘ औषधि व जादू – टोना विरोधी (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून 1954’ के तहत मुंबई, कोकण, पुणे, नाशिक, अमरावती, नागपुर और छत्रपती संभाजीनगर, इन सात विभागों में 12 आयुर्वेदिक दवा प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापे मारे गए। इन सभी स्थानों पर योग गुरु बाबा रामदेव की हरिद्वार स्थित मे. दिव्या फार्मेसी के उत्पादों का भी भारी स्टॉक जब्त किया गया। इसी तरह पुणे विभाग में दो एलोपैथी मिसब्रांडेड दवाओं का ₹21,83,428 का स्टॉक भी जब्त हुआ।
गंभीर बीमारियों के इलाज के झूठे दावे
प्रशासन के संज्ञान में आया था कि इन आयुर्वेदिक दवाओं के विज्ञापनों में गंभीर बीमारियों के चमत्कारिक उपचार के भ्रामक दावे किए जा रहे थे। आयुक्त मुंढे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आगे ऐसे मामलों में सीधे न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों से अपील
एफडीए ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे भ्रामक दवा विज्ञापनों पर विश्वास न करें और स्वयं दवाएं न लें। शिकायत के लिए जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाएगा। सभी शिकायतें पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी।

