शिंदे बोले, चौका नहीं, सीधा छक्का मारा
बालासाहेब के विचारों पर जताया भरोसा
मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सोमवार को बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के छह मौजूदा सांसदों ने शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया। इस मौके पर शिंदे ने इसे “ऑपरेशन टाइगर” की सफलता बताते हुए कहा कि यह चौका नहीं बल्कि सीधा छक्का है और इन सांसदों का शामिल होना बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में परभणी के सांसद संजय (बंडू) जाधव, शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर, मुंबई उत्तर-पूर्व के सांसद संजय दिना पाटिल, यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख और हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने शिवसेना में प्रवेश किया। इस दौरान सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, वरिष्ठ नेता रामदास कदम, गजानन कीर्तिकर तथा कई मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे।
2022 के आंदोलन का दूसरा चरण बताया
एकनाथ शिंदे ने कहा कि 22 जून 2022 को शिवसेना, धनुष-बाण चुनाव चिन्ह और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को बचाने के लिए जो संघर्ष शुरू हुआ था, यह उसका दूसरा चरण है। उन्होंने कहा कि उस समय 40 विधायक साथ आए थे और अब छह सांसदों के शामिल होने से संगठन को नई ताकत मिली है।
विकास और कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरी
शिंदे ने दावा किया कि सभी सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और जनता से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है। उनके अनुसार सांसद व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि विकास कार्यों को गति देने, कार्यकर्ताओं को सम्मान दिलाने और जनता की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से शिवसेना में शामिल हुए हैं।
सांसदों की कार्यशैली की खुलकर सराहना
मुख्यमंत्री ने संजय बंडू जाधव को जमीन से जुड़े नेता, संजय दिना पाटिल को बेबाक जनप्रतिनिधि और ओमराजे निंबालकर को “रियल स्टार” बताया। उन्होंने संजय देशमुख के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें और बड़े स्तर पर काम करने का अवसर देगी। नागेश पाटिल आष्टीकर के बेबाक स्वभाव और भाऊसाहेब वाकचौरे की राजनीतिक सक्रियता का भी उन्होंने विशेष उल्लेख किया।
विपक्ष पर साधा निशाना
2022 के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि उस समय विरोधियों ने दावा किया था कि उनके साथ गए विधायक दोबारा नहीं जीतेंगे, लेकिन जनता ने उनके निर्णय पर मुहर लगाई। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में विकास कार्यों को गति मिली है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया गया है। बिना नाम लिए उन्होंने उद्धव ठाकरे पर विचारधारा छोड़ने का आरोप भी लगाया।
‘ऑपरेशन टाइगर’ पर दिया जवाब
मीडिया में चल रही “ऑपरेशन टाइगर” की चर्चाओं का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि यह नाम भले ही पत्रकारों ने दिया हो, लेकिन उनकी टीम कोई भी अभियान अधूरा नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि छह सांसदों के शामिल होने के साथ यह अभियान पूरी तरह सफल हो गया है।
2029 में फिर जीत का जताया भरोसा
शिंदे ने विश्वास जताया कि शिवसेना में शामिल हुए सभी छह सांसद भविष्य में भी धनुष-बाण चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे और 2029 में फिर से विजयी होकर संसद पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इन सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों और लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

