मुंबई : बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन (Disha Salian) की कथित खुदकुशी मामले में मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि जब दिशा के पिता सतीश सालियन (Satish Salian) ने शुरुआत से ही अपनी बेटी की मौत पर संदेह जताया था, तो पुलिस ने केवल आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) दर्ज कर मामला सीमित क्यों रखा और आपराधिक मामला दर्ज कर जांच क्यों नहीं की। अदालत की यह टिप्पणी इस मामले की जांच को लेकर उठ रहे सवालों को और गंभीर बनाती है।
14वीं मंजिल से गिरने पर भी चोट नहीं होने पर सवाल
न्यायमूर्ति भारती डांगरे (Justice Bharati Dangre) और न्यायमूर्ति मंजुषा देशपांडे (Justice Manjusha Deshpande) की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। अदालत ने पूछा कि यदि दिशा 14वीं मंजिल से गिरी थीं, तो उनके शरीर पर गंभीर चोटें क्यों नहीं मिलीं। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं होना कैसे संभव है।
अपराध दर्ज करने से किसने रोका!
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जब मृतका के पिता ने मौत पर संदेह व्यक्त किया था, तब पुलिस ने केवल आकस्मिक मृत्यु की जांच तक खुद को सीमित क्यों रखा। अदालत ने पूछा कि पुलिस को अपराध दर्ज कर विधिवत जांच करने से किसने रोका था।
सरकारी पक्ष ने आत्महत्या की थ्योरी दोहराई
राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील शिशिर हिरे (Shishir Hire) ने अदालत को बताया कि मामले की दो बार जांच की गई और दोनों बार यही निष्कर्ष निकला कि दिशा की मौत आत्महत्या थी। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयानों से भी इसी निष्कर्ष की पुष्टि होती है। हालांकि अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों को लेकर फिर सवाल उठाए।
फोटो और दस्तावेजों पर भी विवाद
सतीश सालियन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निलेश ओझा (Nilesh Ojha) ने दावा किया कि शुरुआती तस्वीरों में दिशा के सिर पर कोई चोट दिखाई नहीं देती थी। बाद में पुलिस ने सिर पर चोट दर्शाने वाली तस्वीरें कथित रूप से तैयार कीं। इस पर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा कि जब कोई आपराधिक मामला दर्ज ही नहीं हुआ और केवल एडीआर की जांच चल रही है, तो याचिकाकर्ता को सामान्य दस्तावेज उपलब्ध कराने में क्या बाधा है।
24 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की है। अदालत ने पुलिस से जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जवाब देने को कहा है।
सीबीआई जांच और आदित्य ठाकरे पर केस की मांग
अपनी याचिका में सतीश सालियन (Satish Salian) ने दिशा सालियन (Disha Salian) की मौत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने तथा शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिशा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या की गई तथा प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए राजनीतिक कारणों से पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इन आरोपों पर अभी न्यायिक प्रक्रिया जारी है और इनकी पुष्टि न्यायालय द्वारा नहीं की गई है।
Related Posts
Add A Comment
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2024 Tah Ki Baat. All Rights Reserved. Created and Maintained by Creative web Solution
