मुंबई: युवा पीढ़ी को नशे के गंभीर खतरे से बचाने के लिए सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि उन्हें इस दुष्चक्र में धकेलने वाली प्रवृत्तियों को रोकना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त महाराष्ट्र का सपना साकार करने के लिए पूरी सरकारी व्यवस्था को संवेदनशील और एकजुट होकर काम करना होगा। ‘वर्षा’ (Varsha) निवास स्थान पर आयोजित उच्चस्तरीय प्रस्तुतीकरण बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर (Dr. Pankaj Bhoyar) और गृह (शहर) राज्यमंत्री योगेश कदम (Yogesh Kadam) विशेष रूप से उपस्थित थे।
अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र और मजबूत तंत्र
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से चल रहे नशामुक्ति केंद्रों को भी जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त निधि देकर मजबूत किया जाए। नशे से बाहर निकले युवा दोबारा इसकी चपेट में न आएं, इसके लिए निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी।
स्कूल-कॉलेज परिसर होंगे टपरीमुक्त
शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए स्कूल और कॉलेज परिसरों को टपरीमुक्त करने का आदेश दिया गया है। प्राचार्यों को अपने परिसर अमली पदार्थमुक्त घोषित करने होंगे। साथ ही स्कूली पाठ्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों का पाठ शामिल किया जाएगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून
नशे से जुड़े अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए एनडीपीएस (NDPS – Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) कानून का प्रभावी उपयोग होगा। मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट और सरकारी अभियोक्ताओं का पैनल गठित किया जाएगा। अनजाने में भटके युवाओं को अपराधी मानने के बजाय उन्हें सकारात्मक जीवन का मौका दिया जाएगा।
शीर्ष समिति ‘एनकॉर्ड’ और प्रशासनिक उपस्थिति
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय ‘एनकॉर्ड’ (NCORD) शीर्ष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर (Manisha Mhaiskar) ने प्रस्तुतीकरण किया। इसके अलावा मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal), अपर मुख्य सचिव (वन) मिलिंद म्हैसकर (Milind Mhaiskar), अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे (Vikas Kharge), अपर मुख्य सचिव (परिवहन) संजय सेठी (Sanjay Sethi), प्रधान सचिव अनुपकुमार सिंह (Anup Kumar Singh), पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते (Sadanand Date), मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती (Deven Bharti), सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव तथा महानिदेशक ब्रिजेश सिंह (Brijesh Singh), अमली पदार्थ विरोधी कार्यबल की विशेष पुलिस महानिरीक्षक ज्योति प्रिया सिंह (Jyoti Priya Singh) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कार्रवाई में तेजी और जिलों की रैंकिंग
राज्य में नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। वर्ष 2025 में 1,340 करोड़ रुपये मूल्य का 56,206 किलो अमली पदार्थ जब्त किया गया, जो 2023 की तुलना में जब्ती में 29 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। जिला स्तरीय समितियों के प्रदर्शन के आधार पर अब जिलों की रैंकिंग भी जारी की जाएगी।
नशामुक्त महाराष्ट्र: युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
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