मुंबई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा है कि समाज के अंतिम तबके के कल्याण को ध्येय बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की ताकत प्रशासन में निहित है और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों को इसका उपयोग करना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से राज्य की विकास गाथा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभालने की अपेक्षा व्यक्त की. मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा कि प्रशासन में शामिल हुए अधिकारियों के इस नए दल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिक केंद्रित और जवाबदेह प्रशासन व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए.
वर्ष 2024 बैच के आठ परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारियों ने ‘वर्षा’ निवास स्थान पर मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर संवाद किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी भी उपस्थित थे. संवाद के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश का सबसे अधिक शहरीकरण वाला राज्य है. ऐसे में राज्य में ग्रामीण और शहरी विकास केंद्रित प्रशासन की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि आईएएस अधिकारियों के पास शहरी प्रशासन में बड़े पैमाने पर काम करने का अवसर है.
गतिमान प्रशासन पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतुलित और सर्वांगीण औद्योगिक विकास के लिए सरकार 100 सुधारों को लागू कर रही है, जिसके लिए एक ‘वॉर रूम’ भी स्थापित की गई है. राजस्व सुधारों के लिए सलाहकार नियुक्त करने के बजाय, प्रशासन में व्यापक अनुभव रखने वाले अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं. सरकार ने औद्योगिक उद्देश्य के लिए राज्य में गैर-कृषि लाइसेंस (अकृषक परवाना) प्राप्त करने की प्रक्रिया में हाल ही में बड़ी सुधारणा की है. समय लेने वाली और जटिल प्रक्रियाओं को दूर करते हुए राज्य में तेज़ और सटीक प्रशासन प्रदान करने पर सरकार का जोर है. राजस्व विभाग के तहत कई प्रक्रियाओं और सेवाओं को ब्लॉकचेन तकनीक पर लाया जा रहा है, जिससे प्रक्रियाएं तेज और सटीक हो रही हैं.
औद्योगिक विकास के नए पट्टे
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि संपूर्ण प्रशासनिक नीतियों और प्रक्रियाओं का ‘री-इंजीनियरिंग’ करने के लिए सरकार ने 150 दिनों का कार्यक्रम तैयार किया है, जिसके माध्यम से कई सुधार किए जा रहे हैं. राज्य में व्यापक औद्योगिक विकास के लिए निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. मुंबई और पुणे के अलावा, छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद), नागपुर, नासिक सहित राज्य के अन्य हिस्सों में नए औद्योगिक पट्टे (बेल्ट) बनाए जा रहे हैं. विदर्भ में नागपुर-अमरावती औद्योगिक विकास का पट्टा बन रहा है. उन्होंने अमरावती में पीएम मित्र पार्क और वस्त्रोद्योग पार्क का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे औद्योगिक विकास की एक संपूर्ण परिसंस्था (इकोसिस्टम) का निर्माण हो रहा है. परिणाम स्वरूप अमरावती जिले की नांदगांव पेठ औद्योगिक बस्ती में आज एक भी प्लॉट खाली नहीं बचा है. अमरावती हवाई अड्डे को नागरिक उड्डयन के लिए खोल दिया गया है, जहां एयर इंडिया द्वारा एशिया का सबसे बड़ा पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है.
इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास को गति
सीएम देवेंद्र ने विश्वास के साथ कहा कि कभी दुर्गम और नक्सल प्रभावित रहा गढ़चिरोली अब ‘स्टील सिटी’ के रूप में पहचान बना रहा है, जहां उद्योगों के लिए तीन लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए हैं. समृद्धि महामार्ग ने राज्य की राजधानी और उप-राजधानी को जोड़कर संचार व्यवस्था को गति दी है. मराठवाड़ा के विकास में शक्तिपीठ महामार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. टोयोटा किर्लोस्कर कंपनी छत्रपति संभाजी नगर में परियोजना स्थापित कर रही है, जिससे इस क्षेत्र में विकास की परिसंस्था और मजबूत होगी. मुख्यमंत्री ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों का परिचय लेते हुए उनके पिछले अनुभवों, महाराष्ट्र में काम करते हुए महसूस हुई अच्छी बातों और सुधार आवश्यक क्षेत्रों पर विस्तृत संवाद किया.
