मुंबई : राज्य में स्कूली शिक्षा का स्तर सुधारने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने ‘भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर आदर्श स्कूल’ योजना के अगले चरण में 405 स्कूलों के विकास को मंजूरी दी है। इस संबंध में सरकार का आदेश जारी कर दिया गया है। यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने दी।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि इस फैसले से राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलेंगे। साथ ही स्कूलों की भौतिक और शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
पहले चरण में 478 स्कूलों का काम अंतिम दौर में
इस योजना के पहले चरण में 478 स्कूलों का चयन किया गया था, जिनमें विकास कार्य अब अंतिम चरण में हैं। अब नए 405 स्कूलों के शामिल होने से अधिक छात्रों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इन स्कूलों को किया जाएगा शामिल
योजना के तहत समूह साधन केंद्र स्कूल, पीएमश्री स्कूल और विद्यानिकेतन स्कूलों को शामिल किया जाएगा। पहली से दसवीं कक्षा तक छात्रों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रत्येक स्कूल का विस्तृत विकास प्लान तैयार किया जाएगा।
छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, आरओ/यूवी फिल्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्राओं के लिए ‘पिंक रूम’ बनाने को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
हर जिले में बनेगी क्रीड़ा प्रबोधिनी
प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श स्कूल को ‘क्रीड़ा प्रबोधिनी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
जिलों को दिया जाएगा फंड
इस परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि शिक्षा संचालक (प्राथमिक) के माध्यम से जिलों को आवंटित की जाएगी, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
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