बजट सत्र में 15 विधेयक पेश किए जाएंगे
-दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सुझाव और मुद्दे शामिल किए जाएंगे
मुंबई : आगामी राज्य बजट में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा अपेक्षित सभी मुद्दों और सुझावों को शामिल किया जाएगा। आम जनता को राहत देते हुए वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखा जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता को राहत देने वाला और आर्थिक अनुशासन कायम रखने वाला बजट प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बजट सत्र में 15 विधेयक पेश किए जाएंगे।
राज्य विधानमंडल का बजट सत्र 23 फरवरी 2026 से प्रारंभ होगा। सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस बोल रहे थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, दिव्यांग कल्याण मंत्री अतुल सावे सहित अन्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि 6 मार्च को बजट प्रस्तुत किया जाएगा। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस बजट के लिए व्यापक तैयारी की थी और एक उत्तम बजट प्रस्तुत करने का उनका मानस था। दुर्भाग्यवश अब यह जिम्मेदारी उन्हें निभानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अजित पवार सदैव आर्थिक अनुशासन का पालन करते थे।
हाल ही में केंद्र सरकार के बजट में महाराष्ट्र को 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि प्राप्त हुई है। कर वितरण से राज्य को 98,306 करोड़ रुपये मिलेंगे। राज्य सरकार द्वारा केंद्र से की गई अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं, जिससे महाराष्ट्र को बड़ा लाभ होगा। केंद्र सरकार के बजट में राज्य को दो हाईस्पीड कॉरिडोर मिले हैं। रेलवे बजट में भी 23,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार के माध्यम से राज्य को बड़े पैमाने पर निधि मिल रही है। वीबी जीरामजी योजना में राज्य द्वारा अतिरिक्त मानवबल की मांग को स्वीकार करते हुए महाराष्ट्र के लिए 1,300 लाख मानव-दिवस से बढ़ाकर 1,600 लाख मानव-दिवस स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 1,400 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे।
दावोस में हुए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों के संबंध में विधानसभा में विस्तृत जानकारी दी जाएगी तथा इस संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। ‘इंडिया एआई समिट’ में महाराष्ट्र की सक्रिय भागीदारी रही है। कृषि क्षेत्र के लिए ‘एआई फॉर एग्रीकल्चर’ नामक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया तथा इंडिया एआई समिट में महाराष्ट्र को इसके लिए सैटेलाइट सत्र भी मिला है। इस सम्मेलन में विभिन्न स्टार्टअप ने भाग लिया है। इसे देश का पहला एग्री एआई समिट मान्यता दी गई है। दिवंगत अजित पवार ने अपने बजट में एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। एआई मिशन के अंतर्गत ‘महाविस्तार’ ऐप विकसित किया गया है, जिसका उपयोग राज्य के 30 लाख किसान कर रहे हैं। मौसम, फसल की स्थिति और बाजार भाव की जानकारी एक ही ऐप पर उपलब्ध होगी। इस ऐप में अब आदिवासी भिल्ली भाषा को भी शामिल किया गया है। कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग में महाराष्ट्र आगे बढ़ेगा। एआई के माध्यम से उत्पादन लागत 25 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है, ऐसा मुख्यमंत्री ने बताया। चार सप्ताह तक चलने वाले बजट सत्र में गरीब और सामान्य नागरिकों के प्रश्नों को प्राथमिकता दी जाएगी। महाराष्ट्र विधानमंडल का सत्र देश में सबसे अधिक दिनों तक चलने वाला है, इस पर हमें गर्व है, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। डीजीसीए ने भी जांच प्रारंभ कर दी है। वॉयस रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए विदेशी कंपनियों की सहायता ली जाएगी। वीएसआर कंपनी का ऑडिट डीजीसीए द्वारा किया जा रहा है।
आधारभूत संरचना परियोजनाओं से राज्य की सर्वांगीण प्रगति – एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि दावोस में हुए 30 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक समझौतों से 40 से 50 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की आधारभूत संरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं। एमएमआरडीए द्वारा 46,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। मुंबई को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए बीकेसी–कुर्ला टनल, बोरिवली–ठाणे टनल और मुलुंड टनल परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। इससे राज्य की सभी क्षेत्रों में प्रगति हो रही है।
एमएमआरडीए के कार्यों के दौरान हुई दुर्घटना के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है तथा संबंधित कंपनी पर 5 करोड़ रुपये और सलाहकार पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा सेफ्टी और स्ट्रक्चरल ऑडिट के आदेश दिए गए हैं। मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता निधि और एमएमआरडीए के माध्यम से प्रत्येक को 15 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
सिंचन क्षेत्र में 125 परियोजनाओं को संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है तथा लगभग 90,000 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। मराठवाड़ा के सूखे को दूर करने और विदर्भ को पानी उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पोशिर, शिलार और कालू बांधों के लिए भी निधि स्वीकृत की गई है।
किसानों के लिए 32,000 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया गया है तथा एनडीआरएफ के मानदंड दो हेक्टेयर से बढ़ाकर तीन हेक्टेयर किए गए हैं। लगातार वर्षा से हुए नुकसान के लिए सहायता प्रदान की गई है तथा दिन में बिजली आपूर्ति का निर्णय भी लिया गया है।
इस वर्ष का बजट सर्वांगीण विकास को गति देगा – उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित चाय समारोह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद का प्रभावी मंच है। इस माध्यम से राज्य के विकास पर सार्थक चर्चा होती है और जनता के प्रश्नों का समाधान निकलता है। सरकार जनता द्वारा दिए गए विश्वास को निभाने का प्रयास कर रही है। दिवंगत अजित पवार ने 11 बार बजट प्रस्तुत किया और राज्य की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विकास और आर्थिक अनुशासन के संतुलन के साथ उन्होंने महाराष्ट्र को सशक्त दिशा दी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष का बजट मुख्यमंत्री प्रस्तुत करेंगे और वह राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने वाला तथा सभी वर्गों को न्याय देने वाला होगा। उन्होंने यह भी बताया कि दिवंगत वानखेडे के बाद सबसे अधिक बार बजट प्रस्तुत करने का गौरव अजित पवार को प्राप्त हुआ।
चाय समारोह में मंत्रिमंडल की उपस्थिति
बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित चाय समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन सहित मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायिका के सदस्य उपस्थित थे। बजट सत्र में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों की सूची संलग्न है।

