मुंबई: भारत की अगली जनगणना अब पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक होने जा रही है। सह्याद्रि राज्य अतिथि गृह में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने घोषणा की कि जनगणना 2027 को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डिजिटल माध्यम से संपन्न किया जाएगा। उन्होंने इस प्रक्रिया को विकास नियोजन का मजबूत आधार बताते हुए सभी तंत्रों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनगणना आयुक्त ने इसके संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन, वित्त आयोग की सिफारिशें और केंद्र व राज्य की अधिकांश योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर ही टिकी होती हैं। 2011 के बाद अब 16 साल बाद यह प्रक्रिया हो रही है, इसलिए डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्मार्टफोन से होगा डेटा संग्रह, नागरिकों को मिलेगी ‘स्व-गणना’ की सुविधा
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस बार की जनगणना तकनीक आधारित होगी।
डिजिटल पंजीकरण: लगभग 2.64 लाख प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से डेटा सीधे ‘जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली’ में दर्ज करेंगे।
स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिकों के पास यह विकल्प होगा कि वे प्रगणक के आने से पहले स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकें।
पारदर्शिता: डिजिटल होने से डेटा संकलन में होने वाली देरी और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया: 2026 से होगी शुरुआत
अतिरिक्त मुख्य सचिव सीमा व्यास ने कार्यक्रम की समयसीमा साझा करते हुए बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी:
प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): 16 मई से 14 जून 2026 के बीच घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
प्रशिक्षण: राज्य में इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं और संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और संकल्प
मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. निरुपमा जे. डांगे ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र इस राष्ट्रीय कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर और पूरी सटीकता के साथ पूरा करेगा। इस सम्मेलन में विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर निगम आयुक्तों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें डिजिटल जनगणना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए मार्गदर्शन दिया गया।
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