मुंबई. राज्य की राजधानी मुंबई स्थित मंत्रालय से एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल के कार्यालय में एक क्लर्क को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में इस मामले ने एक नाटकीय मोड़ तब ले लिया, जब आरोपी क्लर्क राजेंद्र ढेरंगे ने खुलासा किया कि उसने मंत्री झिरवल के निजी सहायक (पीए) रामदास गाडे के कहने पर ही यह रिश्वत ली थी। इस खुलासे ने पूरे प्रकरण को सीधे मंत्री झिरवल से जोड़ दिया है, क्योंकि उनके सबसे करीबी सहायक का नाम सामने आने से उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंत्री झिरवल के मंत्रालय स्थित कार्यालय में छापेमारी कर उनके क्लर्क राजेंद्र ढेरंगे को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। ढेरंगे ने एक मेडिकल दुकानदार से उसका निलंबित लाइसेंस फिर से शुरू कराने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की थी। सौदा तय होने पर वह 35 हजार रुपए की पहली किश्त ले रहा था कि एसीबी ने उसे धर दबोचा।
मेरा कोई संबंध नहीं…
इस पूरे प्रकरण पर शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए मंत्री नरहरी झिरवल ने स्पष्ट किया था कि इस मामले से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अगर उनकी संलिप्तता सामने आती है तो वह राजनीति से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि, उनके बयान के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि उनके पीए का नाम आते ही वह खुद ही गायब हो गए। मंत्री झिरवल अज्ञातवास में बताए जा रहे हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
हुए नॉट रिचेबल
मंत्री झिरवल आज नाशिक में आयोजित प्रथम राज्यस्तरीय आदिवासी साहित्य संस्कृति संमेलन के उद्घाटन समारोह में शामिल होने वाले थे। लेकिन सुबह 11 बजे से आयोजक मंत्री का इंतजार करते रह गए। देर शाम तक जब मंत्री न तो कार्यक्रम में पहुंचे और न ही उनकी ओर से कोई संदेश आया, तब आयोजकों को एहसास हुआ कि वह संपर्क में नहीं हैं। आयोजकों ने बताया कि मंत्री झिरवल का फोन स्विच ऑफ आ रहा है और वह कहीं भी रीचेबल नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और अज्ञातवास में चले गए हैं।
चल रही है जांच
इस पूरे मामले पर वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि पुलिस जांच चल रही है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि खुद नरहरी झिरवल ने दोषी पाए जाने पर इस्तीफा देने की बात कही है, इसलिए जांच पूरी होने देनी चाहिए।
सीएम को देंगे सफाई
सूत्रों के अनुसार, मंत्री नरहरी झिरवल फिलहाल नासिक में ही हैं और उनकी जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुंबई में मिलने की योजना है। सीएम देवेंद्र से मुलाकात में वह पूरे मामले की सफाई देंगे।
सीएम और मंत्री समान जिम्मेदार
मंत्रालय में ही इस तरह से भ्रष्टाचार मचा है. अब तो रिश्वत की रेट लिस्ट लगाना ही बाकी है. पीए की संलिप्तता वाले मामले की मंत्री को जानकारी न हो, यह संभव ही नहीं है. इसके लिए मुख्यमंत्री भी समान रूप से जिम्मेदार माना चाहिए. संगठन अब इस बारे में विचार करेगा और जरूरत पड़ी तो हम आंदोलन भी करेंगे.
- अनिल नावंदर, सचिव- केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन
