मुंबई: मुंबई महानगर पालिका के चुनाव से पहले भाजपा द्वारा मालवणी में रोहिंग्या-बांग्लादेशी के नाम पर की गई तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने आरोप लगाया है कि भाजपा ध्रुवीकरण की घिनौनी राजनीति के तहत हिंदू और दलित परिवारों के घर भी तोड़ रही है और इसे रोहिंग्या-बांग्लादेशी का नाम देकर एक समुदाय को निशाना बना रही है।
राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावंत ने मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेश पर घर तोड़े गए हिंदू और दलित परिवारों को सामने लाकर भाजपा के ध्रुवीकरण के षड्यंत्र का पर्दाफाश किया। इस पत्रकार वार्ता में मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, शकील चौधरी के साथ-साथ पीड़ित नागरिक पृथ्वीराज श्रीरंग माने, गंगा नयन्द्रा भालेराव, संगीता झरे, रंजना अनिल ठोंबरे, लक्ष्मी देवेकर और अन्य कई नागरिक उपस्थित थे।
विकास की जगह ध्रुवीकरण की राजनीति
सचिन सावंत ने कहा कि मुंबई नगर निगम चुनाव को विकास और मुंबईवासियों की समस्याओं के मुद्दे पर लड़ने की बजाय भाजपा हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का सहारा ले रही है। खान महापौर बनेंगे, यह विवाद जानबूझकर खड़ा किया गया है और मालवणी को ‘रोहिंग्या-बांग्लादेशी’ बताकर बदनाम करने की मुहिम शुरू की गई है। भाजपा बीएमसी चुनाव में विकास, भ्रष्टाचार और बुनियादी सेवाओं के मुद्दों पर बोलने से डरती है, इसलिए हमेशा की तरह हिंदू-मुस्लिम द्वेष पैदा करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक असलम शेख और मालवणी इलाके को निशाना बनाया गया है।
पूर्व नियोजित और अवैध तोड़फोड़
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मालवणी में की गई तोड़फोड़ कार्रवाई का मास्टरमाइंड मंगल प्रभात लोढ़ा हैं। पालकमंत्री के रूप में लोढ़ा ने अधिकारियों को सीधे झुग्गियां गिराने के आदेश दिए। दिलचस्प बात यह है कि लोढ़ा का राजस्व विभाग से कोई संबंध नहीं है और वे पूर्ण पालकमंत्री भी नहीं हैं, फिर भी उन्होंने यह आदेश कैसे दिए? जिस तरीके से लगातार शासकीय अधिकारियों को बुलाकर आदेश दिए गए, उससे साफ है कि यह तोड़फोड़ पूर्व नियोजित और राजनीतिक दृष्टिकोण से की गई थी। सावंत ने बताया कि यह तोड़फोड़ सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं की गई। लोगों को अपने दस्तावेज दिखाने का अवसर भी नहीं दिया गया। शिकायत दर्ज करने के लिए भाजपा के ही पदाधिकारियों को खड़ा किया गया, जिन पर पॉक्सो और वसूली के मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में निष्पक्षता नहीं बरती गई। कांग्रेस ने मांग की है कि तोड़फोड़ करने वाले संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए और राज्यपाल मंगल प्रभात लोढ़ा को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करें।
रोहिंग्या-बांग्लादेशी का झूठा प्रचार
भाजपा “बांग्लादेशी-रोहिंग्या” का जोर-शोर से प्रचार कर रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि झुग्गियां गिराने की कार्रवाई का इस विषय से कोई लेना-देना नहीं है। सावंत ने समझाया कि अवैध विदेशी नागरिकों को देश से बाहर भेजने की एक स्पष्ट अधिकृत प्रक्रिया है। Foreigners Act और FRRO (Foreigners Regional Registration Office) की प्रक्रिया के तहत कई चरण तय हैं – स्थानीय पुलिस, स्पेशल ब्रांच या FRRO द्वारा व्यक्ति की स्वतंत्र जांच, आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड और घर के सबूत की जांच, नागरिकता को लेकर संदेह होने पर FRRO को मामला भेजना और व्यक्ति को स्पष्टीकरण देने का मौका देना अनिवार्य है। केवल FRRO या गृह मंत्रालय ही डिटेंशन या डिपोर्टेशन का आदेश दे सकता है।
कांग्रेस नेता ने बताया कि FRRO के पास इनमें से एक भी मामला नहीं भेजा गया, जो भाजपा के झूठे प्रचार को साफ तौर पर उजागर करता है। सावंत ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 11 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार रहते हुए बांग्लादेशी-रोहिंग्या भारत में कैसे आए? क्या लोढ़ा और मुंबई भाजपा यह कहना चाहते हैं कि अमित शाह कमजोर गृहमंत्री हैं?
हिंदू और दलितों के घर भी बुलडोजर की चपेट में
कांग्रेस ने भाजपा के सबसे बड़े झूठ का भंडाफोड़ करते हुए बताया कि तोड़फोड़ वाले क्षेत्र में केवल मुस्लिम अवैध निवासी थे, यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित नागरिकों ने अपनी आंखों देखी बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई में हिंदू और दलित परिवारों के घरों पर भी बुलडोजर चलाया गया है। यह पूरी बस्ती पिछले 25 वर्षों से अस्तित्व में है। अगर इन परिवारों को अपनी वैधता साबित करने का मौका दिया जाता तो सच सामने आ जाता, लेकिन जानबूझकर किसी को भी दस्तावेज दिखाने का अवसर नहीं दिया गया। सावंत ने कहा कि इससे साफ होता है कि भाजपा सिर्फ मुस्लिम विरोधी नहीं है, बल्कि उनका असली मुद्दा गरीबों के खिलाफ है। भाजपा हिंदू धर्म को भिखारी जैसा दिखाकर बदनाम कर रही है। यह पूरा मामला ध्रुवीकरण के लिए रचा गया षड्यंत्र है।
लोढ़ा: अमीरों के बिल्डर, गरीबों के शोषक
कांग्रेस प्रवक्ता ने मंगल प्रभात लोढ़ा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बड़े बिल्डर और अवसरवादी व्यवसायी पहले हैं और राजनेता बाद में। लोढ़ा ने आज तक केवल अमीरों और धनी लोगों के लिए आलीशान प्रोजेक्ट बनाए हैं। गरीबों के लिए उनका एक भी सामाजिक काम नहीं है। मालवणी का बीएमसी का एकमात्र ‘कैटल फील्ड’ हड़प लिया गया है और उस जगह पर अब लोढ़ा टॉवर खड़ा नजर आ रहा है। कल्याण-डोंबिवली में गरीब मराठी लोगों की जमीनें हड़पने की भी शिकायतें आई हैं। सावंत ने कहा, “लोढ़ा व्यापारी के रूप में आए और राज्यकर्ता बन गए। वे भाजपा का असली चेहरा हैं – ‘गरीबों का शोषण’ करने वाले भाजपा के ब्रांड एंबेसेडर। गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना ही उनका काम है।” उन्होंने मुंबई भाजपा अध्यक्ष के दुर्व्यवहार और गाली-गलौज के इतिहास का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरी मंडली असंस्कृत, असंस्कारी और असभ्य है। असलम शेख को पाकिस्तान की औलाद कहना भाजपा के नेतृत्व के मानसिक रूप से बीमार होने का सबूत है।
कांग्रेस का ऐलान: दोनों मोर्चों पर लड़ाई
कांग्रेस ने स्पष्ट घोषणा की है कि वह इस अन्यायपूर्ण और अवैध तोड़फोड़ के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। सावंत ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की इस घिनौनी और विकृत सत्ता-लोलुप क्रूर राजनीति का पुरजोर विरोध करती है। कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट भूमिका है – विवाद नहीं, विकास चाहिए। भाजपा को विकास के मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि धार्मिक ध्रुवीकरण की गंदी राजनीति करनी चाहिए।
कांग्रेस ने मालवणी में हुई इस तोड़फोड़ को भाजपा की गरीब विरोधी और अमानवीय नीति का जीता-जागता उदाहरण बताया है। पार्टी ने वादा किया है कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
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