मुंबई. बांद्रा-पश्चिम, बैंड स्टैंड स्थित ऐतिहासिक बांद्रा किले पर कथित रूप से एक भव्य शराब पार्टी के आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला तब सामने आया जब शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के नेता अखिल चित्रे ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में बांद्रा किले पर एक बड़ी शराब पार्टी होते हुए दिखाई दे रही है. वीडियो रविवार की देर रात, 16 नवंबर की मध्यरात्रि को स्थानीय निवासियों द्वारा शूट किया गया बताया जा रहा है. चित्रे ने इस पर सवाल उठाया कि महाराष्ट्र के किलों पर यह क्या हो रहा है. उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि इस पार्टी का आयोजक कोई और नहीं, बल्कि ‘महाराष्ट्र पर्यटन’ विभाग ही था. इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी के लिए अनुमति दी गई थी तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
अखिल चित्रे ने अपनी पोस्ट में इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा, “पुर्तगालियों द्वारा बनाए गए और बाद में ब्रिटिश तथा मराठा साम्राज्यों के इतिहास की गवाही देने वाले एक हेरिटेज स्मारक, बांद्रा किले पर शराब पार्टी की अनुमति महाराष्ट्र सरकार का राज्य उत्पादन शुल्क विभाग और मुंबई महानगरपालिका कैसे दे सकते हैं? और इस पार्टी का आयोजक कौन है? ‘महाराष्ट्र पर्यटन’ विभाग!” उन्होंने सवाल किया कि स्थानीय विधायक और महाराष्ट्र के तथाकथित ‘सांस्कृतिक मंत्री’ आशीष कुरैशी कहां हैं? उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगियों पर भी तीखा निशाना साधा. चित्रे ने आरोप लगाया, “पहले राजधानी मुंबई के उपेक्षित किलों से शुरुआत करना और यदि कोई हल्ला नहीं होता तो इसी तरह की शराब पार्टियों का उपद्रव महाराष्ट्र के अन्य किलों पर करना, यही भाजपा और उनके नौकर दलों का पाखंडी हिंदुत्व और धूर्त संस्कृति है.
वडेट्टीवार का सरकार पर हमला
इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने सवाल उठाया कि एक ऐतिहासिक स्थल पर शराब पार्टी की अनुमति कैसे मिल सकती है? वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि “किले पर दारू पार्टी और उसके लिए अनुमति, यह तो हद हो गई है. ऐतिहासिक स्थलों की पवित्रता को नष्ट करना ही इसके पीछे का उद्देश्य लगता है. उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों ने इस दारू पार्टी की अनुमति दी, उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उत्पादन शुल्क विभाग ने रिश्वत लेकर यह अनुमति दी है और “पवित्र स्थल की पवित्रता भंग करने का पाप किया है.”
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मामला तूल पकड़ने के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैंने बांद्रा किले पर दारू पार्टी का वीडियो नहीं देखा है, लेकिन मुझे कुछ लोगों ने इस बारे में सुना है. यदि इस तरह की पार्टी के लिए अनुमति दी गई है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी.

