मुंबई. विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अब अपना पूरा ध्यान स्थानीय निकाय चुनावों पर केंद्रित कर दिया है. राज्य में नंबर एक पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बीजेपी ने एक अत्यंत आक्रामक चुनावी रणनीति बनाई है. कई स्थानों पर बीजेपी सहयोगी दलों के खिलाफ भी चुनाव लड़ रही है, जिसे ‘मिशन 2029’ की तैयारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने ही यह स्पष्ट कर दिया था कि बीजेपी को अब राज्य में ‘बैसाखियों’ (दूसरे दलों के समर्थन) की जरूरत नहीं है. बीजेपी 2029 में महाराष्ट्र में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी, यह घोषणा उन्होंने पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान ही कर दी थी. इस घोषणा को साकार करने के लिए बीजेपी ने पिछले एक साल में व्यवस्थित प्रयास किए हैं और अब अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं.
टारगेट 40% वोट शेयर
2014 से 2024 के बीच राज्य में विधानसभा के 3 और लोकसभा के 3 चुनाव हुए. इन चुनावों में बीजेपी कभी अकेले तो कभी सहयोगी दलों के साथ लड़ी, लेकिन बीजेपी का वोट प्रतिशत 25 से 28 प्रतिशत के बीच ही रहा है. राज्य में अकेले दम पर सत्ता लाने के लिए बीजेपी को कम से कम 40 प्रतिशत वोट हासिल करने होंगे. इस लक्ष्य को सामने रखकर ही मौजूदा रणनीति बनाई जा रही है.
राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में बीजेपी ने 40 प्रतिशत से अधिक वोट पाकर अकेले दम पर सत्ता स्थापित की है, अब वही प्रदर्शन महाराष्ट्र में दोहराने की तैयारी है. राज्य में 40 प्रतिशत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए बीजेपी ने सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़ी जातियों तक पहुंचने की योजना बनाई है. मुख्यमंत्री फडणवीस के अधिकार क्षेत्र वाले चिकित्सा सहायता प्रकोष्ठ (मेडिकल हेल्प सेल) ने सामाजिक संस्थाओं की मदद से तीन बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया है. बीजेपी का प्रयास बंजारा, लमाणी, वाल्मीकि जैसे समुदायों को साथ लाकर उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.
ये है बीजेपी का खास प्लान
पहला कार्यक्रम नागपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे.
दूसरा कार्यक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में नवी मुंबई में होगा.
तीसरा और अंतिम कार्यक्रम नांदेड़ में आयोजित किया जाएगा. यह श्री गुरु तेग बहादुर साहेब की 350वीं शहादत दिवस के उपलक्ष्य में होगा और उस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे.
शिवसेना सबसे बड़ा खतरा
पिछले साल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटों के साथ 26.77 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जबकि शिवसेना को 12.38 प्रतिशत और राष्ट्रवादी को 9 प्रतिशत वोट मिले थे. 2029 तक अकेले लड़ने के लिए बीजेपी को इस प्रतिशतता में भारी वृद्धि करनी होगी. बीजेपी और शिवसेना का मतदाता समान है. दोनों का वोट बैंक हिंदुत्ववादी है. इसलिए, बीजेपी की इस विस्तारवादी नीति से शिवसेना को सबसे अधिक खतरा होने की संभावना है. बीजेपी की यह माइक्रो प्लानिंग और ‘हेल्प सेल’ के साथ-साथ पूरे पार्टी संगठन के मैदान में उतरने से, महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी समय में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.
Related Posts
Add A Comment
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2024 Tah Ki Baat. All Rights Reserved. Created and Maintained by Creative web Solution
