मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई और आसपास के इलाकों में धोखाधड़ी के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। ठगों ने बड़े अधिकारियों और राजनेताओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है।
गैस डीलर से 1 करोड़ की ठगी
मुंबई के दिंडोशी इलाके में एक गैस डीलर से 1 करोड़ रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का ‘जॉइंट पुलिस कमिश्नर’ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया।
किडनैपिंग का डर और रिकवरी
मालाड निवासी पीड़ित राहुल गुप्ता ठगी का शिकार होने के बाद लापता हो गए थे, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार उन्हें पालघर जिले से सुरक्षित ढूंढ निकाला। दिंडोशी पुलिस ने चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और जांच जारी है।
मुख्यमंत्री का पीए’ बताकर लाखों की ठगी
खुद को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत सहायक (पीए) बताकर एक व्यक्ति से 74 लाख रुपए की ठगी करनेवाले वैभव परेश ठक्कर नामक व्यक्ति के खिलाफ सांताक्रुज पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
हैरान करने वाला दावा इस सनसनीखेज मामले में ठग ने न केवल खुद को मुख्यमंत्री का करीबी बताया, बल्कि यह भी दावा किया कि वह एक महिला पुलिस उपयुक्त (डीसीपी) का पति है, ताकि लोग उस पर आसानी से भरोसा कर सकें। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ‘बड़े पद’ का हवाला देने पर तुरंत पैसे न दें और संदेह होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
फर्जी कंपनियों की आड में 22 करोड़ का GST घोटाला
ठाणे जिले के कल्याण में स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (एसजीएसटी) विभाग ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 8 फर्जी कंपनियां बनाईं और सरकार से करोड़ों का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया। घोटाले का तरीका आरोपियों ने अप्रैल से अगस्त के बीच फर्जी दस्तावेज जमा कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल किया और 22.06 करोड़ रुपए का फर्जी क्लेम किया। पुलिस ने निखिल गायकवाड़, नूर मोहम्मद वसीम पिंजारी, नवनाथ घरत और सरफराज सहित अन्य के खिलाफ संगठित अपराध और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
