नई दिल्ली: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने शुक्रवार को लोकसभा में आरोप लगाते हुए कहा कि
धारावी पुनर्विकास योजना के नाम पर स्थानीय निवासियों को बेघर कर अदानी जैसे उद्योगपति के टॉवर खड़े करने का खेल चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जारी एनेक्सर-2 सूची में 96 प्रतिशत निवासियों को ‘अनियमित’ या ‘अपात्र’ ठहरा दिया गया है, जबकि उच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि 1 जनवरी 2011 से पहले धारावी में रहने वाले सभी लोगों को पात्र माना जाए।
लाखों की वसूली कर रहे दलाल
सांसद वर्षा ने कहा कि 18 फरवरी 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार मेघवाड़ी में 505 में से सिर्फ 55 और नाईकनगर में 2229 में से केवल 21 लोगों को ही पात्र करार दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पात्रता सूची में नाम दिलाने के लिए दलाल सक्रिय हैं और स्थानीय लोगों से लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं। गायकवाड़ ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और धारावी पुनर्वास परियोजना के सीईओ से हस्तक्षेप कर इस वसूली के खेल को तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कुर्ला, मालवणी, मीठागर और मुलुंड के डंपिंग ग्राउंड सहित 1500 एकड़ जमीन उद्योगपति को देकर क्या यह धारावी का विकास है या अदानी का?
आंगनवाड़ियों में पेयजल-शौचालय की कमी पर सवाल
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रो. वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की अनधिकृत वस्तियों में आंगनवाड़ियों की दयनीय स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और न ही स्वच्छता गृह हैं। सांसद ने पूछा कि महाराष्ट्र में कितनी आंगनवाड़ियां बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, आदिवासी और संवेदनशील जिलों में पोषण ट्रैकर के तहत क्या स्थिति है और ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत मुंबई में देखरेख की जरूरत वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए क्या किया जा रहा है।
सरकार का जवाब : पोषण 2.0 के तहत बढ़ाया गया फंड
महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने बताया कि ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और उन्नयन के लिए मनरेगा और 15वें वित्त आयोग के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने पेयजल सुविधा के लिए आवंटन 10 हजार से बढ़ाकर 17 हजार और शौचालय के लिए 12 हजार से 36 हजार रुपए कर दिया है। आर्थिक वर्ष 2024-25 में ‘मिशन वात्सल्य’ के लिए महाराष्ट्र को 144.97 करोड़ रुपए जारी किए गए, जिससे बाल संगोपन संस्थाओं में 3,667 और संस्थाबाह्य संगोपन में 32,520 बच्चों को सहायता प्रदान की गई।
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