आर्थिक वर्ष 2026-27 में दर ‘जैसे थे’ रखने का ऐतिहासिक फैसला
मुंबई : राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए फडणवीस सरकार ने नए आर्थिक वर्ष 2026-27 के लिए रेडी रेकनर (मूल्य निर्धारण) दरों में कोई भी वृद्धि न करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह फैसला सुनाया। निबंधन महानिरीक्षक एवं मुद्रांक नियंत्रक कार्यालय द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये दर पिछले वर्ष (2025-26) की तरह ही ‘जैसे थे’ बनाए रखे गए हैं। इससे आम नागरिकों के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और घर खरीदने का सपना साकार करना आसान होगा।
पिछले वर्षों की तुलना में क्या बदला?
पिछले कुछ वर्षों में रेडी रेकनर दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। वर्ष 2017-18 में राज्य में औसतन 5.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि कोरोना काल में 2020-21 में मात्र 1.74 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी की गई थी। वर्ष 2022-23 में यह वृद्धि 4.81 प्रतिशत रही थी। पिछले वर्ष 2025-26 में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.36 प्रतिशत, नगर पालिका क्षेत्रों में 4.97 प्रतिशत और महानगरपालिका क्षेत्रों में 5.95 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। हालांकि, इस बार सरकार ने पूरे राज्य में सभी क्षेत्रों के लिए दरों को स्थिर रखकर भवन निर्माण क्षेत्र को बड़ा संबल दिया है।
राजस्व ने 60 हजार करोड़ का आंकड़ा पार किया
दरों में वृद्धि न होने के बावजूद मुद्रांक शुल्क एवं निबंधन विभाग का राजस्व लगातार बढ़ा है। वर्ष 2025-26 (30 मार्च 2026 तक) में सरकार को कुल 60,568.94 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसमें सबसे बड़ा योगदान ‘आई-सरिता’ (I-Sarita) प्रणाली का रहा है, जिसके माध्यम से 49,534 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। इसके अलावा, एडजुडिकेशन 2.0 से 4,429.70 करोड़, ई-फाइलिंग से 1,238.26 करोड़ और ऑनलाइन लीव एंड लाइसेंस से 316.69 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया गया।
तकनीकी सुधारों पर विशेष जोर
सरकार ने दरें स्थिर रखने के साथ-साथ वार्षिक मूल्य तालिकाओं को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव किए हैं। इसमें मंजूर क्षेत्रीय एवं विकास योजनाओं का क्रियान्वयन, नए सर्वे नंबरों का पंजीकरण और लंबित गांवों के नामों में सुधार जैसे कदम शामिल हैं। इन प्रयासों से दस्तावेजों के निबंधन की प्रक्रिया अधिक सरल और वास्तविक होगी।
बिल्डरों की मांग पर सरकार ने दिया सकारात्मक जवाब
वैश्विक आर्थिक स्थिति और भवन निर्माण क्षेत्र में चल रही मंदी को देखते हुए क्रेडाई जैसी बिल्डर संगठनों ने राज्य सरकार से दरें स्थिर रखने की मांग की थी। सरकार ने निबंधन प्रक्रिया से जुड़ी सुझावों, आपत्तियों और अनुरोधों पर गंभीरता से विचार करते हुए यह निर्णय लिया। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे बांधकाम क्षेत्र को गति मिलेगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ होगा।
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