तेहरान: मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने अब बेहद भयावह मोड़ ले लिया है। हालात बेहद विस्फोटक हो चुके हैं। यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के कुछ ही घंटों बाद, ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की भी इस्रायली हवाई हमले में मौत होने की खबर सामने आई है।
इस्रायल के प्रमुख अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ ने दावा किया है कि अहमदीनेजाद के निवास स्थान पर इस्रायली वायुसेना ने सटीक हमला किया। इस हमले का एक भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जोरदार विस्फोट और धुएं के गुबार देखे जा सकते हैं।
इस्रायल विरोधी कट्टर छवि
महमूद अहमदीनेजाद ने वर्ष 2005 से 2013 तक ईरान के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वे अपनी कट्टर और पश्चिम विरोधी नीतियों के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाते थे। उन्होंने एक बार यह विवादास्पद बयान दिया था कि “इस्रायल को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए”, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विवाद खड़ा हो गया था।
परमाणु कार्यक्रम से बढ़ा टकराव
अहमदीनेजाद के कार्यकाल में ईरान का परमाणु कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ा, जिसके चलते अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ ईरान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। यही कारण था कि वे लंबे समय तक वैश्विक राजनीति के केंद्र में बने रहे।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर अलग रुख
कट्टरपंथी छवि के बावजूद, हाल के वर्षों में अहमदीनेजाद ने यूक्रेन पर रूस के हमले की खुलकर निंदा की थी। जबकि ईरान की मौजूदा सरकार रूस के समर्थन में खड़ी है, अहमदीनेजाद ने यूक्रेन की संप्रभुता का समर्थन कर सबको चौंका दिया था। इस वजह से वे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गए थे।
ईरान में गहराता नेतृत्व संकट
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और अब महमूद अहमदीनेजाद जैसे प्रभावशाली नेताओं की लगातार मौत से ईरान में गंभीर नेतृत्व संकट पैदा हो गया है। राजनीतिक और धार्मिक सत्ता में बनी इस खाली जगह को भरना अब ईरान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
आईआरजीसी की चेतावनी
इन मौतों का बदला लेने के लिए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने इस्रायल और अमेरिका को बड़े मिसाइल हमलों की खुली धमकी दी है। इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।
अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा
ईरान ने दावा किया है कि खामेनेई और अहमदीनेजाद की मौत के बदले में उसने अमेरिका के युद्धपोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वैश्विक युद्ध की आशंका
इन घटनाओं के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हालात वैश्विक महायुद्ध की ओर बढ़ सकते हैं। ईरान के भीतर भी गुस्से का माहौल है और कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं।
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