मुंबई: जुहू इलाके में हुई एक चौंकाने वाली घटना के कारण पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 25 मार्च 2026 की दोपहर करीब 3 बजे हुई इस वारदात में दो पुलिस सिपाहियों समेत पांच लोगों पर जबरन लूट और मारपीट का आरोप है।
डिलीवरी बॉय को बनाया शिकार
पीड़ित सुमित आंबेकर (30) विलेपार्ले का निवासी है। वह एक फॉरेन करेंसी कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता है। घटना के दिन उसे 10,000 अमेरिकी डॉलर की डिलीवरी के लिए जुहू भेजा गया था, तभी आरोपियों ने उसे रास्ते में रोक लिया।
कार में अगवा कर लूटपाट
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने आंबेकर को जबरदस्ती कार में बैठाया, मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उनकी तलाशी लेकर 10,000 डॉलर (करीब 9.45 लाख रुपए) और बैग में रखे 15,000 रुपए नकद लूट लिए गए।
पुलिस पहचान दिखाकर दी धमकी
पीड़ित का आरोप है कि कार में मौजूद दो लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए पहचान पत्र दिखाया और उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने उनका मोबाइल भी चेक किया और किसी से संपर्क नहीं करने दिया।
जुहू पुलिस थाने में मामला दर्ज
इस मामले में जुहू पुलिस थाने में जबरन लूट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर राहुल प्रभाकर शिंदे को सौंपी गई है।
पुलिस की छवि पर उठे सवाल
कानून की रक्षा करने वाले ही जब अपराध में शामिल पाए जाएं, तो व्यवस्था पर भरोसा डगमगा जाता है। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस की छवि पर गहरा असर पड़ा है और अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

