ट्रैफिक जाम से राहत के लिए बीएमसी का बड़ा प्लान
मुंबई : लगातार गंभीर होती ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक बड़ा और व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत अब बाहरी राज्यों से आने वाली निजी ट्रैवल्स और इंटरस्टेट बसों को मुंबई शहर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन बसों को मुंबई की सीमा पर स्थित दहिसर और मानखुर्द चेक नाकों पर ही रोका जाएगा।
बीएमसी का मानना है कि इस कदम से मुंबई की सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम में बड़ी राहत मिलेगी और शहर के अंदर अनधिकृत पार्किंग की समस्या भी कम होगी।
रोजाना हजारों निजी बसों से बढ़ रही है परेशानी
कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर भारत से हर दिन हजारों निजी और इंटरस्टेट बसें मुंबई पहुंचती हैं। ये बसें अक्सर बोरीवली, कांदिवली, अंधेरी और बांद्रा जैसे इलाकों में सड़कों के किनारे या फ्लाईओवर के नीचे खड़ी की जाती हैं। इसके कारण वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एस.वी. रोड और लिंक रोड पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। यात्रियों को रास्ते में उतारने और चढ़ाने की वजह से अन्य वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए बीएमसी ने यह नई योजना बनाई है।
1,232 करोड़ रुपए की व्यापक परियोजना
बीएमसी ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल 1,232 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया है। इसमें दहिसर चेक नाके के विकास पर 992 करोड़ रुपए और मानखुर्द चेक नाके पर 240 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत दहिसर में एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा, जहां यात्रियों के लिए थ्री स्टार होटल, पार्किंग हब, फूड प्लाजा और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बीएमसी प्रशासन पुराने जकात नाकों को आधुनिक कमर्शियल और ट्रांसपोर्ट केंद्रों में बदलने की तैयारी कर रहा है।
एक साथ 450 बसें पार्क करने की सुविधा
दहिसर चेक नाके पर करीब 18,604 वर्गमीटर क्षेत्र में यह विशाल हब विकसित किया जाएगा। यहां एक समय में 450 इंटरस्टेट और निजी बसों को पार्क करने की सुविधा होगी। इसके अलावा 1,400 निजी कारों के लिए अत्याधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी।
लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों, बस चालकों और कर्मचारियों के लिए विश्राम गृह और थ्री स्टार होटल की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही शॉपिंग मॉल, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और डिजिटल स्क्रीन वाले आधुनिक वेटिंग एरिया भी विकसित किए जाएंगे।
मुंबई सीमा पर ही रुकेगी बाहरी निजी बसें
नई योजना लागू होने के बाद देशभर से आने वाली निजी यात्री बसों को दहिसर और मानखुर्द चेक नाकों पर ही रोक दिया जाएगा। ये बसें यात्रियों को उतारने के बाद वापस लौट जाएंगी। इससे मुंबई शहर के अंदर भारी वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक दबाव घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
यात्रियों के लिए मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी की व्यवस्था
बीएमसी ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस हब को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना बनाई है। यहां से यात्री मेट्रो, बेस्ट बस, टैक्सी और ऑटो रिक्शा के जरिए मुंबई के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। यह ट्रांसपोर्ट हब मुंबई मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 7 के पांडुरंग वाडी इंटरचेंज स्टेशन से सीधे जुड़ा होगा। यात्रियों को बस से उतरकर सीधे मेट्रो पकड़ने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मुंबई के विभिन्न इलाकों के लिए विशेष बेस्ट बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी आने का दावा
बीएमसी का दावा है कि इस परियोजना के लागू होने से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर वाहनों का दबाव 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। बोरीवली से बांद्रा तक यात्रा का समय घटने की भी संभावना जताई गई है। शहर के बाहर सैकड़ों डीजल बसों को रोकने से मुंबई में प्रदूषण का स्तर कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही होटल, मॉल और पार्किंग सुविधाओं के जरिए बीएमसी को हर साल करोड़ों रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
सीएनजी, पेट्रोल और ईवी चार्जिंग की भी सुविधा
दहिसर और मानखुर्द दोनों हब में सीएनजी स्टेशन, पेट्रोल पंप और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। फिलहाल इन जकात नाकों की बड़ी जगहों का उपयोग नहीं हो रहा है, लेकिन नई परियोजना के बाद इन्हें आधुनिक ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

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