मुंबई: केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल ने रविवार को दो महत्वपूर्ण पहलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक पहल की। ‘सांसद मातृशक्ती पोषण अभियान’ के तहत उन्होंने 100 से अधिक गर्भवती महिलाओं को विशेष पोषण किट वितरित किए। इसके साथ ही, उन्होंने मुंबई पब्लिक स्कूल, मंडपेश्वर कैंपस (कांदिवली पूर्व) के आधुनिक परिसर का उद्घाटन किया और शहर भर की बीएमसी स्कूलों में पढ़ने वाली 60,000 छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड वितरण की एक बड़ी योजना की घोषणा की।

सुपोषित माँ, स्वस्थ भारत की नींव
‘सुपोषित माँ, स्वस्थ भारत की आधारशिला’ की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए, पीयूष गोयल ने गर्भवती महिलाओं के बीच पोषण किट वितरित किए। इन किटों में गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर पूरक आहार, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन सामग्री शामिल थी। इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “हमारी बहनों और माताओं के राष्ट्र निर्माण में योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटियों की सुरक्षा से लेकर शिक्षा और गर्भवती महिलाओं के पोषण तक कई क्रांतिकारी पहलें चलाई हैं। माँ को सही पोषण मिले, तो बच्चे का स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।” उन्होंने उत्तर मुंबई में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए महिलाओं को स्वावलंबी बनने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कांदिवली पूर्व स्थित कौशल्य विकास केंद्र पर युवाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण, जॉब मेले और रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
शिक्षा और स्वच्छता को नई दिशा
इसी दिन, केंद्रीय मंत्री गोयल ने बीएमसी शिक्षण विभाग के आर-नॉर्थ क्षेत्र में स्थापित मुंबई पब्लिक स्कूल, मंडपेश्वर कैंपस का उद्घाटन किया। इस नए स्कूल में आधुनिक क्लासरूम, टेक्नोलॉजी-एनेबल्ड शिक्षण प्रणाली, खेल की सुविधाएं और मूल्याधारित गतिविधियों के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है। स्कूल उद्घाटन के मौके पर एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई की सभी बीएमसी स्कूलों में पढ़ने वाली लगभग 60,000 छात्राओं को अब हर महीने 4,20,000 सैनिटरी पैड मुफ्त में वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों की कमी के कारण किसी भी लड़की की शिक्षा बाधित न हो। उन्होंने इसकी तुलना प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से की, जिसके तहत देश भर में स्कूलों और कॉलेजों में अलग-अलग शौचालय बनाए गए। इन पहलों के माध्यम से पीयूष गोयल ने उत्तर मुंबई में स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक सकारात्मक और सतत बदलाव की नींव रखी है। ये कदम ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।


