मुंबई: मुंबई की समतानगर पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का अधिकारी बताकर वाहन चालकों को डराते थे। सड़क पर दहशत: ‘गाड़ी स्कैन कराओ, वरना आरटीओ चलो’ कहकर उनसे जबरन ऑनलाइन वसूली करते थे। पुलिस ने न सिर्फ इन अपराधियों की मोड्स ऑपरेंडी का खुलासा किया है, बल्कि आरोपियों से ठगी गई राशि भी बरामद कर ली है।
मिली जानकारी के अनुसार, मालाड पूर्व के फ़िल्मसिटी रोड स्थित ऋषि हाइट ऋद्धि गार्डन निवासी भव्या सुभार 18 नवंबर 2025 की रात लगभग 8:30 से 9:30 बजे के बीच अपने दोस्त हार्दिक धोडिया को छोड़ने के लिए बाइक से कांदिवली-पूर्व, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे स्थित पोईसर मेट्रो स्टेशन गया था। वहां भव्या के पास आए दो लोगों ने अपना परिचय आरटीओ अधिकारी के रूप में दिया और भव्या गाड़ी रोकने का कारण पूछने लगे। उन्होंने रौब झाड़ते हुए भव्या को धमकाया और कहा, “तुम्हारी गाडी स्कैन करनी पड़ेगी तथा कुछ गड़बड़ निकली तो आर.टी.ओ. ऑफिस में जमा करनी पड़ेगी। इस तरह से उन्होंने डराने-धमकाने के बाद छात्र भव्या और उसके दोस्त पर तत्काल पैसे देने का दबाव बनाया। डर के मारे पीड़ित ने आरोपियों को ऑनलाइन के माध्यम से 5,200 रुपए ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें जाने दिया। ठगी का एहसास होते ही, पीड़ित ने समतानगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर गु.र.क्र. 1001/25 के तहत संबंधित धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया।
पुलिस ने पालघर से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए, समतानगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम को तुरंत जांच में लगाया गया। एपीआई योगेश राउत, पीएसआई राहुल वालुंजकर और उनकी टीम ने घटनास्थल का गहन मुआयना किया और तकनीकी साक्ष्यों (जैसे कि सीसीटीवी फुटेज और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन डिटेल्स) के साथ-साथ पारंपरिक मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल किया।
पहचान और धरपकड़: पुलिस की त्वरित और तांत्रिक (तकनीकी) जांच पद्धति की मदद गिरोह के दो सदस्यों की पहचान की। इसके उपरांत पुलिस ने 38 वर्षीय सचिन सुभाष चव्हाण और अजीत भगत सिंग (38 वर्ष) नामक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों पालघर जिले के नायगांव इलाके के निवासी हैं।
जुर्म कबूल और रिकवरी: पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता से ठगी गई पूरी रकम 5,200 रुपये आरोपियों के पास से जब्त कर ली है। पुलिस ने आशंका जताई है कि गिरफ्तार आरोपियों ने इसी तरीके से शहर में कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा। इस संबंध में गहन जांच जारी है ताकि उनके अन्य अपराधों का भी खुलासा किया जा सके।
उच्च अधिकारियों ने की तारीफ
इस सफलता के लिए अपर पुलिस आयुक्त (उत्तरी प्रादेशिक विभाग) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त (परिमंडल 12) महेश चिमटे और सहायक पुलिस आयुक्त (समतानगर विभाग) कैलास बर्वे ने समतानगर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में पो.नि. (गुन्हे) अजीतसिंह राजपुत, क्राइम डिटेक्शन अधिकारी एपीआई . योगेश राउत, पीएसआई राहुल वालुंजकर सहित सिपाही किणी, निजाई, जाधव और शिंदे आदि शामिल थे।
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