मुंबई. मध्य-पूर्व में चल रहे ईरान और इजराइल के युद्ध का असर अब भारत के आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। इस अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण एलपीजी गैस सिलेंडर और खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। राज्य सरकार ने हालांकि स्थिति पर नियंत्रण रखने और आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
अन्न, नागरी आपूर्ति व ग्राहक संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और कीमत तय करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। केंद्र सरकार ने 7 मार्च 2026 से घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की है।
घरेलू सिलेंडर: 852.50 रुपए से बढ़कर 912.50 रुपए
व्यावसायिक सिलेंडर: 1720.50 रुपए से बढ़कर 1835 रुपए
युद्ध की स्थिति के कारण आम लोगों को अब एक सिलेंडर के लिए करीब 964.50 रुपए तक भुगतान करना पड़ रहा है।
खाद्य तेल की कीमतों में भी उछाल
मध्य-पूर्व में युद्ध की स्थिति के कारण खाद्य तेल के बाजार पर भी असर पड़ा है। मूंगफली, सोयाबीन और सनफ्लावर जैसे तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भुजबल ने बताया कि फिलहाल राज्य में मूंगफली तेल प्रति किलो 188.29 रुपए की बजाय 194.32 रुपए, सरसों तेल 200.67 रुपए से 204.22, वनस्पती तेल 160.47 रुपए से 160.63 और सोया तेल 153.63 रुपए से 159.32, सन फ्लावर तेल 172. 16 रुपए से 178.05 रुपए और पाम तेल 145. 60 रुपए से 148.60 रुपए तक बिक रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी की तुलना में मार्च में खाद्य तेल की औसत कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे रसोई का खर्च बढ़ने की आशंका है।
गरीब परिवारों को राहत देने की योजना
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर साल तीन गैस सिलेंडर मुफ्त रिफिल उपलब्ध कराए जाते हैं। इस योजना के लगभग 75.81 लाख लाभार्थी हैं, जिनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और अन्य श्रेणी के लाभार्थी शामिल हैं। पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को केंद्र की 300 रुपए की सब्सिडी के बाद शेष राशि राज्य सरकार देती है। अन्य लाभार्थियों को पूरे सिलेंडर की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाती है।
कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने जिलास्तर पर विशेष उड़नदस्ते बनाए हैं।
1 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक 21 जिलों में की गई कार्रवाई में:
2129 जांच की गईं
1208 सिलेंडर जब्त किए गए
33.66 लाख रुपए का माल जब्त
23 मामले दर्ज
18 लोगों को गिरफ्तार किया गया
आपूर्ति सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम
राज्य सरकार ने एलपीजी की नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन 9000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 11000 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया गया।
जिलों में विशेष समितियां और नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
तेल कंपनियों (BPCL, HPCL, IOCL) के साथ नियमित बैठकें कर आपूर्ति की समीक्षा की जा रही है।
गैस एजेंसियों और वितरण वाहनों को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
नागरिकों से घबराने की जरूरत नहीं
सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों के पास एलपीजी और पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और राज्य में आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अन्न, नागरी पुरवठा व ग्राहक संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी तरह की अफवाहों से बचें और घबराएं नहीं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य-पूर्व में युद्ध लंबा खिंचता है तो महंगाई का असर और गहरा हो सकता है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट और बढ़ सकता है।
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