गरीब नगर में दूसरे दिन भी चला बुलडोजर
मुंबई : बांद्रा पूर्व स्थित गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे की ओर से हाई कोर्ट के आदेश पर चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दूसरे दिन बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। रेलवे ट्रैक के किनारे बनी 400 से 500 अवैध झोपड़ियों और निर्माणों को हटाने के लिए रेलवे प्रशासन और मनपा की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची थी।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले पुलिस और अधिकारियों पर पानी, बाल्टियां और अन्य सामान फेंका गया, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते कुछ लोगों ने पुलिस और रेलवे कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए। बांद्रा स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण पथक तैनात किया गया।
पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों समेत कई घायल
बांद्रा भाभा अस्पताल और वी.एन. देसाई अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, पथराव और झड़प में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं। भाभा अस्पताल में कुल छह घायलों को लाया गया, जिनमें तीन पुलिसकर्मी और तीन प्रदर्शनकारी शामिल थे। वहीं वी.एन. देसाई अस्पताल में चार घायल पुलिसकर्मियों का उपचार किया गया। अधिकांश घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।
सात संदिग्ध हिरासत में, FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस अधिकारी अभिनव देशमुख ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग किया। पुलिस ने हिंसा में शामिल सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे का बयान
रेलवे प्रशासन के अनुसार, बांद्रा टर्मिनस के पास करीब 5200 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को खाली कराया जा रहा है, ताकि प्रस्तावित इंटीग्रेटेड बांद्रा रेलवे कॉम्प्लेक्स परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके। इस परियोजना के तहत भविष्य में 50 अतिरिक्त मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की योजना है।
1200 से ज्यादा जवान तैनात
इस अभियान को पश्चिम रेलवे की अब तक की सबसे बड़ी बेदखली कार्रवाई बताया जा रहा है। पूरे ऑपरेशन में 1200 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। इनमें मुंबई पुलिस, जीआरपी, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और रेलवे के तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 60 प्रतिशत अवैध झोपड़ियां हटाई जा चुकी हैं और यह कार्रवाई 23 मई तक चलेगी।
यात्रियों को भी हुई परेशानी
हिंसा और पुलिस कार्रवाई के बाद स्टेशन रोड को बंद कर दिया गया, जिससे बांद्रा टर्मिनस जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑटो रिक्शा दूर तक ही छोड़े जा रहे थे, जिसके कारण यात्रियों को सामान लेकर पैदल चलना पड़ा। इलाके में भारी ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला।
वरुण सरदेसाई ने सरकार और भाजपा पर साधा निशाना
शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के बांद्रा पूर्व के विधायक वरुण सरदेसाई ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य को जानबूझकर धार्मिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई रेलवे परियोजना के लिए हो रही है और अदालत के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाया जा रहा है, लेकिन भाजपा इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर इलाके में कथित बांग्लादेशी रह रहे थे तो इतने वर्षों तक उनके राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड और दूसरे सरकारी दस्तावेज कैसे बने? क्या सरकार दस्तावेज जारी करने वाले सरकारी अधिकारियों – कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?
किरीट सोमैया का पलटवार
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने घटना के बाद बांद्रा पहुंचकर कहा कि पुलिस और रेलवे अधिकारियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इलाके में “लैंड जिहाद”, “वोट जिहाद” और “ड्रग माफिया” सक्रिय हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोमैया ने कहा कि कोर्ट के आदेश का विरोध कर पुलिस पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है और उनके पीछे अगर कोई राजनीतिक नेता है तो उसकी भी जांच होगी।
