मुंबई. महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सतत विकास के लिए कृषि क्षेत्र की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि दुनिया के एक हिस्से में चल रहे युद्ध और संघर्ष का असर हर जगह देखने को मिल रहा है, ऐसे में देश की कृषि व्यवस्था को और मजबूत करना बेहद जरूरी है।
राज्यपाल वर्मा शनिवार को राहुरी स्थित महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ (माफुकृवि) के 39वें दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ (मानद उपाधि) से सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे, जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे समेत कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं।
कृषि का भविष्य टेक्नोलॉजी पर टिका
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय कृषि का भविष्य अब तकनीक पर आधारित समाधानों, स्टार्टअप्स और टिकाऊ पद्धतियों पर निर्भर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के साथ ‘जय अनुसंधान’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि बदलती जलवायु और तकनीकी प्रगति के दौर में नवाचार और दूरदर्शी नेतृत्व की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने प्राकृतिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और देश का पहला ‘रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन’ स्थापित करने के लिए विद्यापीठ की सराहना की। उन्होंने छात्रों से सिर्फ नौकरी ढूंढने के बजाय कृषि में उद्यमिता अपनाने का आग्रह किया।
राजनीति के ‘डॉक्टर’ फडणवीस को तीसरी मानद उपाधि
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राहुरी के महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ ने ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ (डी.एससी.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया। राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने इस मौके पर फडणवीस को ‘ऑल इन वन’ बताते हुए उनकी तारीफ की। यह फडणवीस को मिलने वाली तीसरी मानद डॉक्टरेट है। इससे पहले, 2018 में जापान की ओसाका सिटी यूनिवर्सिटी ने उन्हें सुप्रीम ऑनरेरी डॉक्टरेट और 2023 में जापान की ही कोयासन यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की मानद उपाधि से नवाजा था। उपाधि मिलने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि एक कृषि विद्यापीठ से मिले इस सम्मान को वे आदरपूर्वक स्वीकार करते हैं।
किसानों को दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने पिछले दस सालों में खेती के क्षेत्र में बुनियादी बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के दौर में कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा तकनीक की जरूरत है। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले साल से किसानों को दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक सरकार 14 हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन कर लेगी, जिससे यह योजना संभव हो सकेगी। उन्होंने जलयुक्त शिवार और मांगनेवालों के खेत में तालाब योजनाओं का भी जिक्र किया, जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिली है।
प्रौद्योगिकी और एआई का उपयोग
फडणवीस ने कहा कि देश की ‘एग्रीस्टैक’ योजना के तहत सबसे ज्यादा 1 करोड़ 30 लाख किसानों को डिजिटल आईडी दी गई है। इस डेटा का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए खेती में क्रांतिकारी बदलाव लाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि एआय से उत्पादन लागत में 25 फीसदी तक की कमी आई है और उपज में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रसायनों का इस्तेमाल कम करने की भी आवश्यकता बताई।
4 हजार छात्रों को उपाधी प्रदान की गई
इस दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों कुल 4 हजार 602 विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 4 हजार 182 स्नातक, 346 परास्नातक और 74 पीएच.डी. धारक शामिल थे। वहीं, 42 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
Related Posts
Add A Comment
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2024 Tah Ki Baat. All Rights Reserved. Created and Maintained by Creative web Solution
