मुंबई: सुपर-8 मुकाबले में दो बार की चैंपियन वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को 107 रनों से हराकर न सिर्फ बड़ी जीत दर्ज की, बल्कि ग्रुप का गणित भी पूरी तरह बदल दिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 254/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
शिमरॉन हेटमायर -85 (34)
रोवमैन पॉवेल -59 (35)
निचले क्रम का आक्रामक योगदान
जवाब में जिम्बाब्वे 147 रन पर सिमट गई।
गेंदबाजी में गुडाकेश मोती (4 विकेट) और अकील होसैन (3 विकेट) ने कमाल दिखाया। इस जीत के बाद वेस्टइंडीज का नेट रन रेट +5.350 हो गया, जो भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का सबब बन गया है।
भारत की खराब शुरुआत से बढ़ा सिरदर्द
सुपर-8 के पहले मुकाबले में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका की टीम के खिलाफ 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा। नतीजतन भारत का नेट रन रेट गिरकर -3.800 हो गया।
सलामी जोड़ी बनी सबसे बड़ी कमजोरी
भारत की ओपनिंग औसत: 6.80
पाँच मैचों में ओपनिंग जोड़ी के कुल रन: 34
अभिषेक शर्मा – तीन बार शून्य
ईशान किशन – सुपर-8 में शून्य
यह आँकड़े ओमान, नामीबिया और कनाडा जैसे बाहर हो चुके टीमों से भी खराब हैं। स्पष्ट है कि भारत की बल्लेबाजी रणनीति में संतुलन की कमी दिख रही है।
सेमीफाइनल का खतरनाक गणित
मौजूदा अंक तालिका (ग्रुप 1)
टीम अंक नेट रन रेट
वेस्टइंडीज 2 +5.350
दक्षिण अफ्रीका 2 +3.800
भारत 0 -3.800
जिम्बाब्वे 0 –
भारत के सामने क्या रास्ता है?
जिम्बाब्वे को बड़े अंतर से हराना (कम से कम 76+ रन से)
वेस्टइंडीज को हराना
उम्मीद करना कि दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज को हरा दे
यदि वेस्टइंडीज दक्षिण अफ्रीका को हरा देता है, तो तीनों टीमों के 4-4 अंक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में भारत का खराब नेट रन रेट उसे बाहर कर सकता है।
नेट रन रेट (NRR) कैसे तय होता है? फॉर्मूला:
(कुल बनाए रन ÷ कुल खेले ओवर) – (कुल दिए रन ÷ कुल डाले ओवर)
उदाहरण (भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका)
दक्षिण अफ्रीका: 187/20 = 9.35
भारत: 111/20 = 5.55
NRR = 5.55 – 9.35 = -3.800
ओवर का गणित
0.1 ओवर = 1/6 = 0.166
0.3 ओवर = 3/6 = 0.500
0.5 ओवर = 5/6 = 0.833
सुपर ओवर और नो-रिजल्ट मैच में NRR नहीं जोड़ा जाता।
संभावित प्लेइंग इलेवन में बदलाव
चेन्नई की स्पिन फ्रेंडली पिच को देखते हुए भारत तीन स्पिनर उतार सकता है।
संभावित बदलाव:
अक्षर पटेल की वापसी
कुलदीप यादव को मौका
अभिषेक शर्मा की जगह संजू सैमसन पर विचार
अब टीम मैनेजमेंट के सामने संतुलित संयोजन चुनने की बड़ी चुनौती है।
आगे क्या संभावनाएं बन रही हैं?
1️⃣ भारत की राह कठिन लेकिन असंभव नहीं
अगर भारत दोनों मैच बड़े अंतर से जीतता है और दक्षिण अफ्रीका वेस्टइंडीज को हराता है — तो सेमीफाइनल संभव है।
2️⃣ वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी
उनका रन रेट बेहद मजबूत है। एक और जीत उन्हें लगभग सेमीफाइनल में पहुंचा सकती है।
3️⃣ दक्षिण अफ्रीका की भूमिका निर्णायक
अब भारत की किस्मत आंशिक रूप से दक्षिण अफ्रीका के प्रदर्शन पर निर्भर है।
कैरिबियाई टीम की मजबूत दावेदारी
सुपर-8 की शुरुआत ने पूरे ग्रुप का संतुलन बदल दिया है। वेस्टइंडीज ने अपने प्रदर्शन से संदेश दे दिया है कि वे खिताब के प्रबल दावेदार हैं। भारत के लिए अब हर मैच “करो या मरो” जैसा है। रणनीति, संयम और बेहतर शुरुआत — यही सेमीफाइनल का रास्ता खोल सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारतीय टीम दबाव में बिखरेगी या इतिहास रचेगी।

