ठाणे : संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाले येऊर परिक्षेत्र में वन्यजीव क्रूरता की एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंदर को स्टील के तीर से मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। तीर की बनावट को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यह हमला किसी पेशेवर धनुर्धर द्वारा व्यावसायिक उपकरणों का उपयोग करके किया गया है।
वन्यजीव प्राणी कल्याण संस्था (RAWW) ने घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया है। वर्तमान में बंदर को संस्था की देखरेख में उपचार दिया जा रहा है। इस घटना ने संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर और आसपास चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अवैध ‘एडवेंचर स्पोर्ट्स’ के ठिकानों पर शक
स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि येऊर क्षेत्र में कई अवैध स्टड फार्म और टर्फ धड़ल्ले से चल रहे हैं। इन जगहों पर कथित तौर पर घुड़सवारी और तीरंदाजी जैसे साहसी खेलों का प्रशिक्षण और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। शक है कि इसी तरह की किसी गतिविधि के दौरान बंदर को निशाना बनाया गया।
प्रशासन सख्त: बुलाई गई आपातकालीन बैठक
संयुक्त वन प्रबंधन समिति के कार्यकारी सदस्य रोहित जोशी ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा,”यह एक अमानवीय कृत्य है और हमारे वन्यजीवाें पर सीधा हमला है। दोषियों को सजा दिलाने के साथ-साथ, अब वन विभाग, ठाणे नगर निगम और पुलिस के सहयोग से यहाँ चल रहे सभी अवैध प्रतिष्ठानों पर कानूनी हथौड़ा चलाया जाएगा।” इस मामले में एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, जिसमें पुलिस, नगर निगम, स्थानीय आदिवासी समुदाय और पशु कल्याण संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) में अवैध रूप से चल रहे निर्माणों को हटाने के लिए एक ‘एक्शन प्लान’ तैयार करना है।
निजी बंगले और संपत्तियां भी जांच के घेरे में
जांच का दायरा केवल व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों को संदेह है कि बंदर को किसी निजी बंगले या फार्महाउस में घुसने से रोकने के लिए तीर मारा गया होगा। ऐसे में ईएसझेड की सीमा पर स्थित संपत्तियों की भी गहन जांच की जाएगी। पर्यावरण प्रेमियों ने ठाणे के नागरिकों से अपील की है कि वे येऊर की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आगे आएं और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें।

