मुंबई: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला रायपुर में खेला गया। यह मैच भारतीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने पहले बल्लेबाज़ी में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन लचर गेंदबाज़ी और एक महत्वपूर्ण कैच छोड़ने के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
भारत की दमदार बल्लेबाज़ी, अफ्रीका ने किया आसान चेज
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 5 विकेट खोकर 358 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और दक्षिण अफ्रीका के सामने 359 रन का लक्ष्य रखा। यह लक्ष्य दिखने में बहुत कठिन था, लेकिन अफ्रीकी बल्लेबाजों ने बेहद सधी हुई और आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए इस विशाल चुनौती को आसानी से पार कर लिया। दक्षिण अफ्रीका ने 4 विकेट और 4 गेंद शेष रहते हुए यह लक्ष्य हासिल कर लिया।

मार्करम को मिला जीवनदान, टीम इंडिया को पड़ा भारी
भारतीय गेंदबाज़ों को पूरे मैच में विकेट के लिए तरसना पड़ा। इस दौरान, दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक बल्लेबाज़ एडेन मार्करम को जीवनदान देना टीम इंडिया की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। मार्करम को आउट करने का मौका मिला होता तो शायद मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था। यह महत्वपूर्ण पल कुलदीप यादव के 18वें ओवर में आया, जब मार्करम 53 रन पर खेल रहे थे। उन्होंने मिड-ऑन की दिशा में शॉट खेला, लेकिन बाउंड्री लाइन पर खड़े यशस्वी जायसवाल ने कैच छोड़ दिया और गेंद सीमा रेखा के पार चली गई, जिससे चौके की जगह छक्का हो गया। कैच छूटने के बाद मार्करम ने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी जारी रखी।
मार्करम की पारी: मार्करम ने 98 गेंदों में 10 चौके और 4 छक्कों की मदद से 110 रन बनाए। कैच छूटने के बाद मार्करम ने 57 अतिरिक्त रन बनाए, जिसने टीम इंडिया की हार सुनिश्चित कर दी।

भारतीय गेंदबाज़ी का लचर प्रदर्शन, बल्लेबाजों की मेहनत बेकार
भारतीय गेंदबाज़ों का प्रदर्शन भी हार का एक बड़ा कारण रहा। अर्शदीप सिंह को छोड़कर बाकी सभी गेंदबाज़ों ने 6 रन प्रति ओवर से अधिक की इकोनॉमी रेट से रन लुटाए। अर्शदीप सिंह ने 10 ओवर में 54 रन खर्च करके 2 विकेट हासिल किए तो वहीं हर्षित राणा ने 10 ओवरों में 70 रन लुटाकर एक बल्लेबाज को आउट किया। इसी तरह टीम इंडिया के स्टार फिरकी गेंदबाज कुलदीप यादव ने 10 ओवरों में 78 रन खर्च करके सिर्फ एक विकेट हासिल किया। रवींद्र जडेजा ने 7 ओवरों में बिना किसी सफलता के 41 और वाशिंगटन सुंदर ने भी 4 ओवरों में 28 रन खर्च किए। सबसे बुरी हालत प्रसिद्ध कृष्णा की हुई। उन्हें दो सफलता तो मिली लेकिन उन्होंने 8.2 ओवरों में 82 रन लूटा दिए।
कोहली की सेंचुरी बेकार
रायपुर में बुधवार को भी किंग कोहली अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे। उन्होंने छक्के के साथ खाता खोला और 93 गेंदों में 102 रन की पारी खेली। वनडे में सबसे ज्यादा बार बैक टु बैक सेंचुरी की बात होगी तो किंग कोहली के आसपास भी कोई दूसरा बैटर नहीं है। दूसरे वनडे में रोहित शर्मा के 102 और रुतुराज गायकवाड़ के 105 रनों की बदौलत भारत ने 5 विकेट के नुकसान पर 358 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि दक्षिण अफ्रीका ने इतिहास रचते हुए मैच जीत लिया। यह भारत के खिलाफ वनडे में संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले 2019 में ऑस्ट्रेलिया ने भी मोहाली में भारत के खिलाफ जीत के लिए 359 रनों के ही लक्ष्य का सफलता से पीछा किया था। इस तरह 350 रन से अधिक का स्कोर बनाने के बाद टीम इंडिया दूसरी बार हारी है।
