केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को देश का बजट पेश किया. इसमें 12 लाख रुपए तक की आय को कर मुक्त करने की सबसे बड़ी घोषणा करके उन्होंने मध्यम वर्ग के करदाताओं को बड़ी राहत दी है. सरकार के इस अनपेक्षित निर्णय का लोगों ने सहर्ष स्वागत किया है. शनिवार को पेश किए गए बजट में नई कर प्रणाली के अनुसार आयकर स्लैब में परिवर्तन किया गया है. नई कर व्यवस्था के अनुसार 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगाने की घोषणा की गई है. दावा किया जा रहा है कि इस लाभ मध्यमवर्गीय नौकरी पेशा लोगों को मिलेगा.
नई कर प्रणाली के तहत 0 से 4 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा. इसके बाद 4 से 8 लाख रुपए की आय पर 5 प्रतिशत कर तो वहीं 8 से 12 लाख रुपए तक की आय पर 10 प्रतिशत कर जबकि 16 से 20 लाख रुपए तक की आय पर 20 प्रतिशत कर और 20 से 24 लाख रुपए या उससे अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर का प्रावधान रखा गया है. इसके साथ-साथ टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी गई है. इसका लाभ मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को मिलेगा. देश में अगले सप्ताह एक नया आयकर विधेयक पेश किया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के दौरान कहा कि अगले सप्ताह नया आयकर विधेयक पेश किया जाएगा. हम निर्यात क्षेत्र में एक योजना शुरू करेंगे. एमएसएमई को विदेश में टैरिफ समर्थन मिलेगा. अगले सप्ताह एक नया विधेयक पेश किया जाएगा. इन प्रत्यक्ष कर सुधारों के बारे में बाद में बताया जाएगा. उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे बीमा क्षेत्र के लिए एफडीआई सीमा बढ़ाएंगे. यह कहा जा सकता है कि यह बजट करदाताओं के लिए राहत देने वाला, किसानों और बुजुर्गों के लिए राहत देने वाला था.
महिलाओं को तोहफा
एससी-एसटी एमएसएमई महिला उद्यमियों के लिए विशेष ऋण योजना लाई जाएगी. पहली बार उद्यमी बन रही महिलाओं को 2 करोड़ रुपये तक का ऋण मिलने का प्रावधान रखा गया है.
वरिष्ठ नागरिकों को उपहार
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर राहत 50,000 रुपए से दोगुनी होकर 1 लाख रुपए हुई है. 36 जीवनरक्षक दवाइयां पूरी तरह कर-मुक्त कर दी गई हैं. चिकित्सा उपकरण और कैंसर की दवाएं सस्ती हो जाएंगी.
किसानों का भी खयाल
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से देश के 100 जिलों को लाभ मिलेगा. डेयरी फार्मिंग और मत्स्य पालन के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण दिए जाने की घोषणा बजट में की गई है.
राहत वाला बजट : वार्षिक 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं!
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