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स्वाभिमान मिशन : प्रीति अदाणी के नेतृत्व में 10 लाख महिलाएं बनेंगी ‘बिजनेस वुमन’

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मुंबई: अदाणी ग्रुप की सामाजिक सेवा एवं विकास से जुड़ी इकाई अदाणी फाउंडेशन 11 अगस्त 2026 को अपने 30 वर्ष पूरे करने जा रही है। इस अवसर से पहले फाउंडेशन ने अपने प्रमुख महिला सशक्तिकरण अभियान ‘स्वाभिमान मिशन’ को बड़े स्तर पर विस्तार देने की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर में 10 लाख महिला उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह घोषणा गुरुवार को मुंबई के नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) में आयोजित ‘स्वाभिमान – द राइज़ ऑफ शी’ कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में महिलाओं की आजीविका, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में इस पहल की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला गया।
महाराष्ट्र से होगी विस्तार की शुरुआत
स्वाभिमान मिशन के विस्तार के पहले चरण में महाराष्ट्र को प्राथमिकता दी जाएगी। पहले वर्ष में राज्य की एक लाख महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रशिक्षित और सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं द्वारा संचालित छोटे व्यवसायों और जमीनी स्तर के उद्यमों को नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
माविम के साथ साझेदारी
यह कार्यक्रम महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। माविम महाराष्ट्र सरकार की संस्था है, जो स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य करती है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक मुंबई के वंचित समुदायों की 4,500 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन और वित्तीय व डिजिटल साक्षरता प्रदान की गई है।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी और ट्रस्टी शिलिन अदाणी उपस्थित रहीं। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े और माविम की प्रबंध निदेशक नंदिनी आवाडे भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन एक महत्वपूर्ण बैठक के कारण उपस्थित नहीं हो सके। अपने संदेश में उन्होंने अदाणी समूह द्वारा मुंबई और महाराष्ट्र में किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।
‘स्वतेजा मार्ट’ और क्लाउड किचन की शुरुआत
इस अवसर पर अतिथियों ने मिलकर ‘स्वतेजा मार्ट’ का उद्घाटन किया। यह मुंबई में महिलाओं द्वारा संचालित एक सामुदायिक बाज़ार है, जहां महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ने के अवसर और अपने उत्पाद बेचने का मंच उपलब्ध कराया जाता है। यहां महिलाएं अपने उत्पाद ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेच सकेंगी। इसी पहल के तहत एक क्लाउड किचन की भी शुरुआत की गई।
प्रेरणादायक कहानियों पर कॉफी टेबल बुक जारी
कार्यक्रम के दौरान एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की गई, जिसमें स्वाभिमान कार्यक्रम से लाभान्वित महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों को शामिल किया गया है। मुंबई में इस पहल के माध्यम से अब तक 800 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि स्वाभिमान माविम की सबसे सफल पहलों में से एक है और यह महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता को बढ़ावा देकर यह पहल ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ जैसी योजनाओं को भी मजबूती प्रदान करती है।
महिलाओं में बढ़ रहा आर्थिक आत्मविश्वास
मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि भारतीय समाज में ‘शी पावर’ का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, विशेषकर धारावी जैसे क्षेत्रों में। स्वाभिमान जैसी पहलें आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दे रही हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि स्वाभिमान मिशन इस विश्वास का प्रतीक है कि महिलाओं को सशक्त बनाना ही समुदाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि अब इस पहल को देशभर में 10 लाख महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी शुरुआत महाराष्ट्र में एक लाख महिलाओं से की जा रही है।
प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव पर जोर
स्वाभिमान कार्यक्रम के तहत महिलाओं को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और आजीविका से जुड़े कौशलों का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें मार्गदर्शन, बाजार से जुड़ने के अवसर और व्यवसाय शुरू करने से संबंधित सलाह भी दी जाती है। इस सहयोग से कई महिलाओं ने छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं और सामूहिक उद्यम स्थापित किए हैं।

22 राज्यों में फाउंडेशन की पहुंच
अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में देश के 22 राज्यों के 7,000 से अधिक गांवों में कार्य कर रहा है और अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से 96 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुका है। फाउंडेशन के कार्यक्रम शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वाभिमान मिशन का यह विस्तार महिलाओं के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देशभर में विस्तार के साथ यह पहल महिलाओं द्वारा संचालित सबसे बड़े आजीविका अभियानों में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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