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कल्याणकारी मंडल के नाम पर रिक्शा चालकों से अवैध वसूली : 8 अप्रैल को महाराष्ट्र भर में मोर्चा

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शशांक राव के नेतृत्व में कृति समिति का विरोध
ऑटोरिक्शा चालक-मालक संघटना संयुक्त कृति समिति महाराष्ट्र के अध्यक्ष शशांक राव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “धर्मवीर आनंद दिघे साहेब महाराष्ट्र ऑटोरिक्शा और मीटर्ड टैक्सी चालक कल्याणकारी मंडल” रिक्शा चालकों के हित में नहीं, बल्कि परिवहन विभाग के हित में काम कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर यह मंडल किसके लिए स्थापित किया गया है?
बिना चर्चा के एकतरफा निर्णय
पिछले 20 से अधिक वर्षों से कृति समिति, रिक्शा चालकों के लिए स्वतंत्र कल्याणकारी मंडल की मांग करती आई थी। लेकिन जब सरकार ने यह मंडल स्थापित किया, तो महाराष्ट्र की प्रमुख ऑटोरिक्शा संगठनों के प्रतिनिधियों से कोई चर्चा नहीं की गई। सरकार के इस एकतरफा और मनमाने निर्णय के कारण अधिकांश रिक्षा चालकों ने अब तक मंडल में पंजीकरण नहीं कराया है।
जबरदस्ती और अवैध दबाव
मंडल में पंजीकरण के लिए 500 रुपए प्रवेश शुल्क और 300 रुपए वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे रिक्शा चालकों पर यह बोझ अन्यायपूर्ण है। इससे भी गंभीर बात यह है कि पंजीकरण न कराने पर परमिट नवीनीकरण और पासिंग जैसे जरूरी काम रोके जा रहे हैं। 23 मार्च 2026 को परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त को निवेदन सौंपा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
8 अप्रैल को होगा बड़ा प्रदर्शन
इस अन्याय के विरोध में बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के सभी प्रादेशिक परिवहन कार्यालयों पर जोरदार मोर्चा निकाला जाएगा। मुंबई में मुंबई ऑटोरिक्शा टैक्सीमेन्स यूनियन की ओर से सुबह 11 बजे अंधेरी आरटीओ कार्यालय पर बड़ी संख्या में रिक्षा चालक-मालक एकत्रित होंगे।

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