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ऑनलाइन लोन ऐप पर ठगी का जाल : जबरन वसूली रैकेट से जुड़े 6 गिरफ्तार

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मुंबई : मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए लोगों को डराकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर पैसे वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर लोगों को धमकी देकर बार-बार लोन लेने के लिए मजबूर करने और बदनामी का डर दिखाकर रकम ऐंठने का आरोप है।
छोटा लोन बना बड़ी मुसीबत
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एक ऑनलाइन लोन ऐप से 22 हजार 50 रुपए का कर्ज लिया था। लोन प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने एक एपीके फाइल के जरिए शिकायतकर्ता के मोबाइल डेटा तक पहुंच बना ली। शिकायतकर्ता ने ब्याज सहित पूरा लोन चुका दिया था, लेकिन इसके बाद भी धमकी भरे फोन और मैसेज का सिलसिला जारी रहा। आरोपी शिकायतकर्ता और उनके परिवार को लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। उन्हें दोबारा अलग-अलग ऐप्स से लोन लेने के लिए मजबूर किया गया।
कई ऐप्स से लाखों का लोन लेने को किया मजबूर
लगातार दबाव और धमकियों के चलते शिकायतकर्ता को 18 अलग-अलग ऑनलाइन लोन ऐप्स से कुल 7 लाख 5 हजार 570 रुपए तक का कर्ज लेना पड़ा। आरोपियों ने ‘वन टाइम सेटलमेंट’ के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग भी की।
रिश्तेदारों में बदनाम करने की दी धमकी
आरोपी जबरन दिए गए लोन की वसूली के लिए पहले आरोपी शिकायतकर्ता के रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर उन्हें बदनाम करने की धमकी देते थे। बाद में पीड़ित के रिश्तेदारों, दोस्तों और कार्यालय के अधिकारियों को फोन करने लगे और आपत्तिजनक मैसेज भेजकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने लगे। इससे शिकायतकर्ता की मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा। इस तरह से परिवार की सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा का डर दिखाकर पीड़ित शिकायतकर्ता से लगातार पैसे वसूले गए। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने इसी तरह से कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा।
जाल बिछाकर छह आरोपियों को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता से पैसे लेने पहुंचे छह आरोपियों को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 30 मई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। इस गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच इस मामले में तकनीकी और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है।

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