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फर्जी APK से करता था ठगी : अंतरराज्यीय साइबर सेंधमार से मिली 967 फर्जी फाइलें

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37,200 लोगों का बैंकिंग डेटा बरामद
मुंबई : महानगर गैस लिमिटेड (Mahanagar Gas Limited) के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर लोगों के मोबाइल में नकली APK फाइल इंस्टॉल कराने और बैंकिंग जानकारी चुराकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक अहम आरोपी को डॉ. डी.बी. मार्ग पुलिस (Dr. D.B. Marg Police) ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा तैयार की गई फर्जी APK फाइलों के जरिए देशभर में हजारों लोगों को निशाना बनाया गया और करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। इसी कारण पुलिस इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मान रही है।
MGL के नाम पर भेजे जाते थे फर्जी संदेश
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को MGL (महानगर गैस लिमिटेड) के नाम से फर्जी संदेश भेजकर नकली APK फाइल डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया गया। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल बैंकिंग की गोपनीय जानकारी चोरी कर ₹70,500 की ठगी की गई। इस मामले में डॉ. डी.बी. मार्ग पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 1003/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में तलाश के बाद गिरफ्तारी
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने फर्जी APK फाइल विकसित करने वाले 26 वर्षीय छात्र का झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) तक पीछा कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 967 फर्जी APK फाइलें तथा 37,200 लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी का डेटाबेस बरामद किया गया।
देशभर में 5,912 लोगों को बनाया शिकार
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी ने 91 फर्जी APK फाइलें अन्य साइबर अपराधियों को बेची थीं। इन्हीं फाइलों के जरिए देशभर में 5,912 नागरिकों, जिनमें महाराष्ट्र (Maharashtra) के 512 लोग शामिल हैं, से लगभग ₹63.69 करोड़ की साइबर ठगी की गई। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती (Deven Bharti), संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज कुमार शर्मा (Manoj Kumar Sharma), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बालकवाडे (Shailesh Balkawade) और पुलिस उपायुक्त रागसुधा आर. (Ragsudha R.) के मार्गदर्शन में की गई। जांच में सहायक पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर वाघ (Dnyaneshwar Wagh) के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन दल वी (Nitin Dalvi) सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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