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21 साल तक दिया पुलिस को चकमा : SIR जांच में फंस गया आरोपी

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मुंबई : महाराष्ट्र में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान ने 21 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को आखिरकार पुलिस के शिकंजे तक पहुंचा दिया। वर्ष 2005 के कथित धोखाधड़ी मामले में वांछित नाशिक के व्यापारी अवधूत चाफेकर (Avdhoot Chafekar) को मुंबई पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह मामला दर्शाता है कि SIR अभियान केवल मतदाता सूची को अद्यतन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लंबे समय से फरार अपराधियों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
2005 के धोखाधड़ी मामले में था फरार
पुलिस के अनुसार अवधूत चाफेकर (Avdhoot Chafekar) पर वर्ष 2005 में करीब 9 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन वह लगातार पुलिस से बचता रहा और करीब 21 वर्षों तक फरार रहा।
पहचान छिपाकर खड़ा कर लिया कारोबार
जानकारी के मुताबिक चाफेकर पिछले दो दशकों से नाशिक में अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था। किसी को संदेह न हो, इसलिए उसने कभी अपने नाम से मोबाइल कनेक्शन नहीं लिया और पहचान छिपाने के लिए दूसरे लोगों के पहचान पत्रों का इस्तेमाल करता था। इसी दौरान उसने नाशिक में इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग का व्यवसाय भी शुरू कर लिया था।
SIR अभियान से खुली पोल
महाराष्ट्र में निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2002 के बाद पहली बार राज्यभर में इतने बड़े स्तर पर मतदाता सूचियों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। घर-घर जाकर हो रही इस जांच के दौरान चाफेकर ने भी मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण अपडेट कराने की कोशिश की, जिससे उसकी गतिविधियां पुलिस की नजर में आ गईं।
बीकेसी पुलिस ने बिछाया जाल
मुंबई के बीकेसी (BKC) पुलिस थाने ने SIR अभियान में कार्यरत निर्वाचन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस को जैसे ही चाफेकर द्वारा मतदाता सूची का सत्यापन पूरा करने और एक होटल में चेक-इन करने की जानकारी मिली, तत्काल छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी कार्रवाई बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।
आरोपी को अदालत में किया पेश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अवधूत चाफेकर (Avdhoot Chafekar) को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश कर दिया। मामले की जांच और अन्य पहलुओं की पड़ताल जारी है।

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