23 मई तक चलेगा एक्शन
मुंबई : बांद्रा पूर्व के गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे की ओर से चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 85 फीसदी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। 500 से अधिक अवैध निर्माणों में से लगभग 400 ढांचों को तोड़ दिया गया है, जबकि बाकी कार्रवाई अगले दो दिनों में पूरी होने की संभावना है।
तीन दिनों से जारी इस अभियान के दौरान इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया है। पिछले दिनों पत्थरबाजी और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ बुलडोजर कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।
दिन में तोड़फोड़, रातभर मलबा हटाने का काम
गरीब नगर इलाके में सुबह से ही जेसीबी, पोकलेन मशीन और ट्रकों की आवाजाही जारी रही। एक तरफ आधे टूटे झोपड़ों को हटाया जा रहा था तो दूसरी ओर मलबा साफ करने का काम लगातार चल रहा था। रेलवे प्रशासन ने अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए दिन और रात दोनों समय काम शुरू रखा है। रात के समय करीब 300 कर्मचारियों को तैनात किया गया, जिनमें 250 सुरक्षा कर्मी शामिल थे। कई जगह लोहे की चादरें, ग्रिल और मजबूत ढांचों को गैस कटर की मदद से हटाया गया। हादसे से बचने के लिए अतिरिक्त लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।
13 मशीनें और 40 ट्रक रोज हटाते हैं मलबा
रेलवे प्रशासन ने बताया कि कार्रवाई के लिए 13 मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रोजाना करीब 40 ट्रकों के जरिए 80 से 90 मीट्रिक टन मलबा हटाया जा रहा है। इलाके में धूल के बड़े गुबार देखने को मिले, जबकि कई परिवार अपने टूटे घरों के बीच सामान बचाने की कोशिश करते नजर आए। इस बीच प्रभावित लोगों के लिए रेलवे की ओर से पीने के पानी और पैक भोजन की व्यवस्था भी की गई। प्रशासन के मुताबिक एक दिन में दो हजार से ज्यादा पानी की बोतलें वितरित की गईं।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। रेलवे सुरक्षा क्षेत्र को खाली कराना और भविष्य की परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। प्रशासन का कहना है कि 23 मई तक अभियान जारी रहेगा, जिसके बाद सफाई और बैरिकेडिंग का काम कुछ दिनों तक चलता रहेगा ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
यहां बनेगा इंटीग्रेटेड रेलवे कॉम्प्लेक्स
रेलवे प्रशासन ने गरीब नगर की खाली कराई जा रही जमीन पर भविष्य में इंटीग्रेटेड रेलवे कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार इससे बांद्रा स्टेशन और बांद्रा टर्मिनस की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में बांद्रा टर्मिनस से रोज करीब 22 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित होती हैं। अतिरिक्त जमीन मिलने के बाद नए प्लेटफॉर्म, रेलवे कार्यालयों का स्थानांतरण और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। इसके अलावा एलिवेटेड रोड और अन्य आधारभूत परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।
करोड़ों की है गरीब नगर की जमीन
गरीब नगर की अवैध झोपड़पट्टियों को लेकर सामने आए आंकड़ों ने भी सभी को चौंका दिया है। रेलवे की करीब 57 हजार वर्ग फुट जमीन पर फैली इस बस्ती में 100 से 400 वर्ग फुट तक के घर बने हुए थे। ज्यादातर झोपड़ियों पर चार से पांच मंजिल तक निर्माण किया गया था। वास्तु विशेषज्ञों के हवाले से आई रिपोर्टों की मानें तो, यदि इस 1.3 एकड़ जमीन पर वैध प्रोजेक्ट बनाया जाता तो इसकी कीमत 1000 से 1200 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि म्हाडा जैसी संस्था यहां घर बनाती तो 100 वर्ग फुट का घर 25 से 35 लाख रुपए और 400 वर्ग फुट का घर एक करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपए तक का हो सकता था। वहीं किसी निजी बिल्डर द्वारा निर्माण किए जाने पर यही कीमत 60 लाख से 2.4 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती थी।
कई लोग किराए पर चला रहे थे झोपड़ियां
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गरीब नगर में पिछले लगभग दो दशकों से लोग मुफ्त में रह रहे थे। कई लोगों ने अवैध निर्माण को किराए पर भी दे रखा था। बताया जा रहा है कि 80 से 100 वर्ग फुट के कमरों का किराया 8 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह तक वसूला जा रहा था।
पत्थरबाजी : हत्या के प्रयास में 16 गिरफ्तार
बांद्रा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में निर्मल नगर पुलिस ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी काम में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। एफआईआर के अनुसार बुधवार शाम करीब 100 से 150 लोगों की भीड़ ने कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई और पुलिसकर्मियों व रेलवे अधिकारियों पर पत्थर, सीमेंट ब्लॉक और पेवर ब्लॉक फेंके गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में पांच से ज्यादा पुलिसकर्मी और कुछ स्थानीय लोग घायल हुए हैं। रेलवे सुरक्षा बल के सहायक पुलिस निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। कोर्ट ने आरोपियों को 26 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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