2026 के अंत तक किसानों को 12 घंटे मुफ्त बिजली! सीएम फडणवीस का बड़ा वादा

बोले, अगले पांच वर्षों में हर साल कम होगी बिजली की दर
मुंबई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को आर्वी में देश की जनता को बड़ा आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि 2026 तक राज्य के 80 प्रतिशत किसानों को पूरे साल व प्रति दिन 12 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही अगले पांच वर्षों में आम नागरिकों का बिजली बिल हर साल घटता जाएगा. विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन समारोह के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वर्धा जिले में अपर वर्धा परियोजना, वाढवण-पिंपलखुटा आदि सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से कृषि के लिए पानी और बिजली उपलब्ध कराई जाएगी और समृद्धि महामार्ग पर एमआईडाीसी स्थापित करके रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे.
मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों आर्वी में नई प्रशासनिक इमारत का लोकार्पण और 720 करोड़ के विकास कार्यों का ई-लोकार्पण व भूमिपूजन हुआ. इस अवसर पर गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री व पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, सांसद अमर काले, विधायक दादाराव केचे, सुमित वानखेडे, समीर कुणावर, राजेश बकाने, पूर्व सांसद रामदास तडस, जिलाधिकारी वान्मथी सी., जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितीन रहमान उपस्थित थे. इस मौके पर फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में विभिन्न निर्णय लेकर उसका क्रियान्वयन शुरू किया है. किसानों की मांग थी कि उन्हें खेती के लिए 12 घंटे बिजली मिले. इस दिशा में सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं और दिसंबर 2026 तक 80 प्रतिशत किसानों को सालभर रोज 12 घंटे मुफ्त बिजली दी जाएगी. राज्य सरकार ने 2025 से 2030 के बीच बिजली उपभोक्ताओं के बिल हर साल घटाने की योजना बनाई है और उस दिशा में काम शुरू किया है. साथ ही 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों को सौर ऊर्जा के तहत मुफ्त बिजली दी जाएगी.
नई परियोजनाओं से भरपूर पानी- बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्धा जिले के आर्वी विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, जिससे इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी. आने वाले समय में अपर वर्धा और वाढवण-पिंपलखुटा सिंचाई परियोजनाओं को चालू करने के लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी. इन परियोजनाओं से क्षेत्र की खेती को भरपूर पानी और मुफ्त बिजली मिलेगी. अपर वर्धा परियोजना से 500 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी और वाढवण-पिंपलखुटा योजना को जल्द मंजूरी दी जाएगी.
समृद्धि महामार्ग से विकास को मिली गति
सीएम फडणवीस ने कहा कि वर्धा जिले में समृद्धि महामार्ग के कारण विकास को नई रफ्तार मिली है. भविष्य में वर्धा से शुरू होने वाले शक्तिपीठ महामार्ग और सिंदी के ड्रायपोर्ट के चलते जिला मध्य भारत का लॉजिस्टिक केंद्र बनकर उभरेगा. समृद्धि महामार्ग के विरुल नोड को जल्द ही राज्य सरकार से मंजूरी दी जाएगी और वहां एलआईसी की स्थापना की जाएगी. इससे उद्योगों के लिए इकोसिस्टम तैयार होगा और स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा. दावोस में हुई वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में महाराष्ट्र के लिए 16.5 लाख करोड़ के समझौते हुए हैं जिनमें से 7 लाख करोड़ के करार विदर्भ के लिए हैं, वर्धा समेत विदर्भ के अन्य जिलों में बड़े निवेश होंगे. गढ़चिरौली जिला स्टील कैपिटल के रूप में उभर रहा है. आने वाले समय में वर्धा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली और नागपुर में लौह अयस्क आधारित उद्योगों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं और सरकार को इस क्षेत्र से बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.
वैनगंगा-नलगंगा से समृद्ध बनेंगे 10 जिले
वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना के जरिए वर्धा समेत विदर्भ के 10 जिलों के सूखाग्रस्त इलाकों को जल समृद्ध किया जाएगा. इस परियोजना से गोसीखुर्द बांध के 62 टीएमसी अतिरिक्त पानी से 550 किमी लंबी नई नदी बनाई जाएगी. इसके लिए 1 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है. सभी मंजूरी मिल चुकी हैं और अंतिम खाका बनाया जा रहा है. इस वर्ष के अंत तक या अगले वर्ष की शुरुआत में इस परियोजना का काम शुरू होगा.
वर्धा जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण
इस मौके पर पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों आर्वी विधानसभा क्षेत्र के तीन तालुकाओं के 720 करोड़ के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया. पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि इससे वर्धा जिले के विकास को गति मिलेगी. राज्य की 476 सरकारी स्कूलों को आदर्श स्कूलों में बदला जा रहा है और पहले चरण की शुरुआत 14 अप्रैल 2025 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर होगी. इस उपक्रम से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा. आर्वी क्षेत्र की तीन स्कूलें इस योजना में शामिल हैं.

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