वैसे तो मुंबई को छोड़कर कर शेष महाराष्ट्र और देश के लगभग ज्यादातर राज्यों के लोगों के लिए नवंबर से जनवरी के बीच ठंड कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस साल मानसून के समापन के बाद अब मुंबई और आसपास के इलाकों में भी गुलाबी ठंड का दौर शुरू हो गया है। आधी रात के बाद और सुबह सूर्योदय तक मुंबई में ठंड के कारण मौसम सुहाना हो जाता है। लेकिन इसके अभ्यस्त न होने की वजह से मुंबईकरों को सर्दी, खांसी और खुजली की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
ठंड शुरू होते ही सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां शुरू हो जाती हैं। इसके साथ ही, तापमान कम होने से शरीर में भी बदलाव होते हैं। इसी वजह से त्वचा रूखी हो जाती है और उसमें खुजली होने लगती है। ठंड के कारण सर्दी, खांसी और शरीर में खुजली की समस्या का सामना करने वाले लोग एक घरेलू नुस्खा अपना कर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। सर्दी में ऐसे लोगों के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़ा सुपर इफेक्टिव्ह साबित हो सकता है। ऐसे में, घर पर बना यह काढ़ा शरीर को आराम देने में बहुत प्रभावी होता है। आइए, इस पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़े को बनाने की आसान रेसिपी जानते हैं।
आवश्यक सामग्री : लेमनग्रास (गवती चहा), तुलसी के पत्ते, दालचीनी, काली मिर्च (मिरी), लौंग, हल्दी, अदरक (आलं), गुड़, धनिया पाउडर (कोथिंबीर पावडर), पोहा, सेंधा नमक (खड़ा नमक), पानी (३ कप),
काढ़ा बनाने की विधि : एक बर्तन में ३ कप पानी गरम करने के लिए रखें। इसमें गुड़ और हल्दी डालें। लेमनग्रास को हल्का सा कूटकर पानी में मिलाएं। इसके बाद, तुलसी के पत्ते, धनिया पाउडर और पोहा डालें।सारे मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाएं और उबलने दें। पानी जब तक तीन कप से घटकर डेढ़ कप न हो जाए, तब तक इसे अच्छी तरह से उबालें। काढ़ा अच्छे से उबल जाने के बाद, इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालें और मिश्रण को एक बार फिर से अच्छी तरह से हिलाएं।
ऐसे लें काढ़ा:
यह काढ़ा दिन में तीन बार लेने से सर्दी, खांसी और शरीर में होने वाली खुजली से काफी आराम मिलता है। यह घरेलू उपाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने के लिए भी बहुत उपयोगी है।
जिन लोगों को मौसम बदलने के कारण परेशानी हो रही है, वे यह आसान और प्राकृतिक काढ़ा अवश्य आज़माएं!
ठंड में सर्दी, खांसी और खुजली सताए : सुपर इफेक्टिव आयुर्वेदिक काढ़ा से निजात पाएं











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